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  • 2026-05-09

Railway Higher Education: अब रेलकर्मी घर बैठे ले सकेंगे उच्च शिक्षा की अनुमति, भागदौड़ होगी खत्म, एनओसी की फाइल अब ऑनलाइन ही होगी मंजूर

Railway Higher Education: रेलवे में कार्यरत गैर-राजपत्रित (नॉन-गैजटेड) कर्मचारियों के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे ने एक बड़ी सौगात दी है. अब जो कर्मचारी अपनी ड्यूटी के साथ पत्राचार, अंशकालिक या दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से अपनी डिग्री पूरी करना चाहते हैं, उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. इस नई व्यवस्था का लाभ दक्षिण पूर्व रेलवे के 73 हजार और अकेले चक्रधरपुर मंडल के 22 हजार रेलकर्मियों को मिलेगा. अब उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए दफ्तरों में घंटों इंतजार करने और बाबूओं की मिन्नतें करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

HRMS पोर्टल पर एक क्लिक में होगा आवेदन और ट्रैकिंग
पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए रेलवे ने ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) पोर्टल को अपडेट किया है. अब कर्मचारी सीधे ऑनलाइन माध्यम से एनओसी के लिए आवेदन कर सकेंगे. इस डिजिटल सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि कर्मचारी अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति को खुद ही ट्रैक कर पाएंगे. इससे पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों को यह स्पष्ट रहेगा कि उनकी अनुमति किस स्तर पर लंबित है, जिससे पूर्व में होने वाली अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा.

मुख्यालय जाने की टेंशन खत्म, सुपरवाइजर ही देंगे मंजूरी
पहले एनओसी की फाइल विभागीय पर्यवेक्षकों के माध्यम से मुख्यालय भेजी जाती थी, जिसमें काफी समय बर्बाद होता था. कई बार तो अनुमति मिलने से पहले ही कॉलेजों में दाखिले की अंतिम तारीख निकल जाती थी. अब नई व्यवस्था के तहत मुख्यालय के हस्तक्षेप को कम कर दिया गया है और आवेदन स्वीकृत करने का अधिकार सीधे विभागीय पर्यवेक्षकों को दे दिया गया है. फाइलों के इस विकेंद्रीकरण से काम की गति दोगुनी हो जाएगी और कर्मचारियों को समय पर अपनी पढ़ाई शुरू करने का मौका मिल सकेगा.

शिक्षा के साथ बेहतर भविष्य की ओर रेलवे का कदम
दक्षिण पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ पर्सनल ऑफिसर द्वारा जारी यह आदेश रेलकर्मियों के भविष्य के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है. विभाग का मानना है कि इस सुविधा से कर्मचारी अपनी योग्यता बढ़ा सकेंगे, जिसका लाभ अंततः रेलवे की कार्यप्रणाली को ही मिलेगा. यह पहल न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि रेलवे के भीतर एक शिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष कार्यबल तैयार करने में भी मददगार साबित होगी. अब रेलकर्मी बिना किसी मानसिक तनाव के अपने करियर और शिक्षा दोनों को साथ लेकर चल सकेंगे.
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