Ranchi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित झारखंड दौरे को लेकर रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस महत्वपूर्ण दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रपति का आगमन जिले के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों की रही व्यापक मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में रूरल एसपी, ट्रैफिक एसपी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, सदर एसडीएम, रांची एयरपोर्ट के निदेशक, सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी समेत भवन निर्माण, पथ निर्माण, बिजली और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों को समय पर और पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को सबसे अहम मुद्दा बताया गया। उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रपति का दौरा अत्यंत संवेदनशील होता है, इसलिए सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल, राष्ट्रपति के आवागमन मार्ग और आसपास के इलाकों का गहन निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की तैयारी रखने को भी कहा गया।
वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष फोकस
आम जनता को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर अलग से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक राष्ट्रपति के मूवमेंट रूट को पहले से चिन्हित करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग लागू करने की बात कही गई। ट्रैफिक एसपी को शहर में जाम की स्थिति न बनने देने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में, इमरजेंसी व्यवस्था मजबूत
राष्ट्रपति दौरे के मद्देनज़र स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में मेडिकल टीम, एंबुलेंस, जरूरी दवाइयां और इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार रहने को कहा गया।
अग्निशमन और आपदा प्रबंधन की भी पुख्ता तैयारी
अग्निशमन विभाग को कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी इंतजामों की जांच करने के निर्देश दिए गए। फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यक्षमता पहले से सुनिश्चित की जाएगी। वहीं आपदा प्रबंधन टीम को भी हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।
सड़कों, भवनों और बिजली आपूर्ति की होगी विशेष निगरानी
पथ निर्माण और भवन निर्माण विभाग को राष्ट्रपति के संभावित रूट की सड़कों और भवनों की स्थिति की समीक्षा कर जरूरी मरम्मत कार्य तुरंत पूरा करने का निर्देश दिया गया। बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।
समयसीमा के भीतर तैयारी पूरी करने का निर्देश
बैठक के समापन पर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विभागों को तय समय सीमा के भीतर अपनी-अपनी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि राष्ट्रपति का यह दौरा पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो।