मुख्य अतिथियों का गरिमामयी सानिध्य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अमर सिंह प्राचार्य, जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. जितेंद्र सिंह प्राचार्य, को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज, डॉ. संजीव कुमार बिरुली, प्रो. आनंद कुमार, डॉ. संगीता बिरुवा ग्रैजुएट कॉलेज, सार्जेंट मेजर रन्दो देवगम, पाण्डु सामड थाना प्रभारी, बिरसा नगर और बुधन गागराई थाना प्रभारी, साकक्षी महिला थाना मुख्य रूप से उपस्थित थे।
सांस्कृतिक विरासत और करियर का संगम
सांस्कृतिक विरासत और करियर का संगम मुख्य अतिथि डॉ. अमर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि "सांस्कृतिक पहचान ही किसी समाज की असली नींव होती है। युवाओं को अपनी हासा-भाषा और संस्कृति पर गर्व करना चाहिए।" उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा और करियर के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. संजीव कुमार बिरुली ने भी समाज और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य आधुनिकता के दौर में अपनी प्राचीन विरासत को सहेज कर रखना है। उन्होंने करियर निर्माण और सामाजिक एकजुटता पर विशेष बल दिया।
परंपरा और प्रतियोगिता का उत्साह कार्यक्रम की शुरुआत देशाऊली में दिऊरी मार्शल आल्डा,सुरजा पुरती, रोहित सिंकु, बगुन देवगम, राहुल बोदरा, और उनकी टीम द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। शाम को मिस्टर एवं मिस मागे प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया।
मिस्टर और मिस मागे, परंपरा का नया चेहरा
समारोह का मुख्य आकर्षणों में से एक मिस्टर एवं मिस मागे प्रतियोगिता भी रही। पारंपरिक परिधानों के प्रति युवाओं के रुझान को देख अतिथियों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद मिस्टर मागे कमल कुदादा और मिस मागे पर्वती हेम्ब्रम को उनके बेहतरीन परिधान और बौद्धिक कौशल के लिए सम्मानित किया गया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज, बी.एड. कॉलेज और को-ऑपरेटिव कॉलेज के सैकड़ों छात्र, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष मनोरंजन हेम्ब्रम, उपाध्यक्ष-हरिनारायण होनहागा, जीतमोहन गोप,सचिव- मंगीलाल बानरा,कोषाध्यक्ष-गुमन सरदार,मीडिया प्रभारी-उदेश सोरेन,संरक्षक- अजय होनहागा,छात्रावास अधीक्षक- प्रो० फ्लोरेंस बेक सहित छात्रावास के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।