Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा में छूट को लेकर राज्य सरकार चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद निर्णय लेगी. कार्मिक प्रशासनिक विभाग द्वारा तीन साल की छूट देने का प्रस्ताव पहले ही कैबिनेट में भेजा जा चुका है, लेकिन नगर निकाय चुनाव के चलते लागू आचार संहिता के कारण इस पर फैसला नहीं हो सका.
कटऑफ तिथि और अभ्यर्थियों की परेशानी
JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम और न्यूनतम उम्र सीमा की गणना की कटऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 तय की गई है. राज्य में नियमित रूप से सिविल सेवा परीक्षा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनकी उम्र अब निर्धारित सीमा से अधिक हो चुकी है. यही वजह है कि छात्र लंबे समय से आयु में विशेष छूट की मांग कर रहे हैं.
आठ साल की छूट की मांग
अभ्यर्थियों की मांग है कि उन्हें आठ साल तक की उम्र सीमा में छूट दी जाए, ताकि अधिक संख्या में उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हो सकें. इस मांग के अनुसार सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार 38 वर्ष तक और इसी श्रेणी के निःशक्त अभ्यर्थी 48 वर्ष तक परीक्षा में भाग ले सकेंगे. इसी प्रकार अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों को भी अपनी-अपनी निर्धारित आयु सीमा से अधिक उम्र तक परीक्षा में बैठने का अवसर मिल सकेगा.
सरकार का रुख और प्रस्ताव
हालांकि राज्य सरकार छात्रों की आठ साल की छूट की मांग के पक्ष में नहीं है. इसी कारण कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने अधिकतम तीन साल की उम्र सीमा छूट देने का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की सहमति के लिए भेजा था. यह प्रस्ताव नगर निगम चुनाव के कारण लागू आचार संहिता के चलते लंबित रह गया.
चुनाव के बाद होगा फैसला
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा. तब तक अभ्यर्थियों को इंतजार करना होगा, क्योंकि कैबिनेट की मंजूरी के बिना उम्र सीमा में कोई बदलाव संभव नहीं है.
JPSC परीक्षा में उम्र सीमा का मुद्दा हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है. नियमित परीक्षाओं के अभाव में पैदा हुई यह समस्या अब नीति-निर्णय की कसौटी बन चुकी है. सरकार के लिए यह संतुलन साधना चुनौती है कि वह नीतिगत सीमाओं के भीतर रहकर अधिक से अधिक योग्य युवाओं को अवसर दे सके.