लोगों को घर-घर जाकर दवा दी जाएगी
अभियान को लेकर सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि 10 फरवरी को बूथों के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी, जबकि 11 से 25 फरवरी तक छूटे हुए लोगों को घर-घर जाकर दवा दी जाएगी। अभियान की निगरानी के लिए 435 सुपरवाइजर तैनात रहेंगे, जिनकी अटेंडेंस कंट्रोल रूम से वीडियो कॉल के जरिए ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल
उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, धनबाद रेलवे स्टेशन, 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 141 हेल्थ सब-सेंटर सहित 190 स्टैटिक बूथों पर भी दवा का सेवन कराया जाएगा।
डॉ. विश्वकर्मा ने कहा कि फाइलेरिया दिव्यांगता पैदा करने वाली दूसरी सबसे बड़ी लाइलाज बीमारी है, लेकिन साल में एक बार डीईसी और एल्बेंडाजोल दवा का सेवन कर इससे बचाव संभव है। उन्होंने सभी नागरिकों से दवा अवश्य लेने की अपील की।
इस बार अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए नगर निकाय चुनाव में शामिल महापौर, नगर परिषद अध्यक्ष, वार्ड पार्षद व वार्ड सदस्य प्रत्याशियों से भी मतदाताओं को दवा लेने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया जाएगा। साथ ही श्रमिक संगठनों और निजी स्कूलों के साथ भी बैठकें होंगी।
दवा की खुराक इस प्रकार होगी
1–2 वर्ष: एल्बेंडाजोल आधी गोली (200 mg) पानी में घोलकर, 2–5 वर्ष: डीईसी 1 गोली (100 mg) + एल्बेंडाजोल 1 गोली (400 mg), 6–14 वर्ष: डीईसी 2 गोली (200 mg) + एल्बेंडाजोल 1 गोली,15 वर्ष से ऊपर: डीईसी 3 गोली (300 mg) + एल्बेंडाजोल 1 गोली।
फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित
एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, अत्यंत वृद्ध एवं गंभीर बीमार व्यक्ति दवा नहीं लेंगे। दवा खाली पेट नहीं लेनी है। पत्रकार वार्ता में वीबीडी पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, वीबीडी सलाहकार रमेश कुमार सिंह एवं पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।