Jharkhand Politics: पाकुड़ में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर इसलिए नहीं कराए गए, क्योंकि सरकार को भाजपा के बढ़ते जनाधार का डर था.
बुधवार को हाटपाड़ा स्थित भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मरांडी ने कहा कि जब राज्य में भाजपा की सरकार थी, तब नगर निकाय चुनाव दलगत व्यवस्था के तहत होते थे. लेकिन झामुमो के नेतृत्व में बनी वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर गैर-दलीय चुनाव कराने का फैसला किया.
उन्होंने दावा किया कि शहरी क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ मजबूत है और इसी कारण सरकार ने दलीय चुनाव से परहेज किया. मरांडी ने यह भी कहा कि भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था और जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किए गए, इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया.
मरांडी ने कहा कि न्यायालय के निर्देश के बाद ही सरकार नगर निकाय चुनाव कराने को तैयार हुई. उन्होंने भरोसा जताया कि पाकुड़ नगर परिषद सहित राज्य के सभी निकाय क्षेत्रों में भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे.
कार्यकर्ताओं से उन्होंने संगठित और रणनीतिक ढंग से काम करने की अपील की और अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि जीत का अंतर ऐतिहासिक हो सके.
पार्टी लाइन से अलग उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में उतरने पर मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है. उन्होंने संकेत दिया कि बातचीत जारी है और कई लोग भाजपा के समर्थन में आ सकते हैं. हालांकि, अनुशासनात्मक कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की.
बैठक में पूर्व विधायक दिनेश मरांडी, पार्टी के कई पदाधिकारी, भाजपा समर्थित प्रत्याशी संपा साहा और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.