Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट)-2024 की प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं. जिले में लगभग 40 हजार परीक्षार्थियों के शामिल होने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर केंद्रों के चयन और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की जा रही है. आयोग के निर्देशों के अनुसार, परीक्षा का आयोजन एक ही दिन और एक ही पाली में संपन्न किया जाएगा.
केंद्र चयन के लिए कड़े मानक निर्धारित
परीक्षा केंद्रों के चयन में उन शिक्षण संस्थानों को वरीयता दी जा रही है जहां बैठक व्यवस्था 12 के गुणक (जैसे 24 या 36) में उपलब्ध हो. आयोग ने स्पष्ट किया है कि चयनित केंद्रों पर चारदीवारी, सुचारू यातायात संपर्क, बिजली, पेयजल और सीसीटीवी कैमरों जैसी सुविधाएं अनिवार्य होनी चाहिए. इसके अलावा, केंद्रों को अपनी कुल क्षमता से 10 प्रतिशत अतिरिक्त अभ्यर्थियों को संभालने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. प्रशासन को केंद्रों की विस्तृत सूची 15 फरवरी 2026 तक आयोग को सौंपनी है.
उत्कृष्ट विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल जारी
इसी क्रम में राज्य के 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं की तिथियां भी घोषित कर दी गई हैं. पूर्वी सिंहभूम के तीन उत्कृष्ट विद्यालयों में 9वीं की परीक्षाएं 9 मार्च से 16 मार्च के बीच होंगी, जबकि 11वीं की परीक्षाएं 10 मार्च से 18 मार्च तक संचालित की जाएंगी. इन परीक्षाओं का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तय किया गया है.
परिणाम और नए शैक्षणिक सत्र की रूपरेखा
स्किल बेस्ड विषयों और प्रायोगिक परीक्षाओं को सीबीएसई मानकों के आधार पर 9 मार्च से पहले ही पूरा करने का निर्देश दिया गया है. उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 25 मार्च तक समाप्त करना होगा, जिसके बाद 28 मार्च को परिणाम घोषित किए जाएंगे. सभी स्कूलों को ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर छात्रों के प्राप्तांक 30 मार्च तक अपलोड करने होंगे. इन प्रक्रियाओं के बाद, आगामी 2 अप्रैल 2026 से नए शैक्षणिक सत्र का आगाज हो जाएगा.
झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) का आयोजन राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की अर्हता तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. जमशेदपुर जैसे बड़े केंद्र में 40 हजार अभ्यर्थियों का प्रबंधन करना जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, यही कारण है कि सीसीटीवी और बैठक क्षमता जैसे तकनीकी पहलुओं पर अधिक जोर दिया जा रहा है. दूसरी ओर, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में सीबीएसई पैटर्न और ई-विद्यावाहिनी पोर्टल का उपयोग सरकारी शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव दिखाता है. समयबद्ध तरीके से परीक्षा संपन्न कराना और सत्र शुरू करना छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के लिए अनिवार्य है.