Jamshedpur: जमशेदपुर में फल कारोबारी कन्हैया यादव की दिनदहाड़े हत्या के बाद गुरुवार को शहर का माहौल तनावपूर्ण रहा। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने टिनप्लेट गोलचक्कर को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। करीब छह घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद दोपहर करीब तीन बजे जाम हटाया गया। ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग के मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा दिलाने के बाद लोग शांत हुए।
प्रशासन ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर बताया कि इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस की कई टीमें शहर के बाहर भी दबिश दे रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
मौके पर पूर्णिमा साहू भी पहुंचीं और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित परिजन प्रशासन के स्पष्ट आश्वासन तक पीछे हटने को तैयार नहीं थे। पुलिस अधिकारियों के भरोसे के बाद जाम समाप्त किया गया।
मॉर्निंग वॉक से लौटते वक्त मारी गई गोली
बुधवार सुबह कन्हैया यादव मॉर्निंग वॉक से लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने उनके सिर में दो गोलियां और पेट व पैर में एक-एक गोली मारी। गंभीर हालत में उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के समय उनके साथ मौजूद रंजीत शर्मा उर्फ काली जान बचाने के लिए सिटी डीएसपी कार्यालय परिसर में घुस गए और पुलिस को घटना की सूचना दी।
पहले भी हथियार लहराने का आरोप
परिजनों ने घटना में कुछ संदिग्ध लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुर्गा पूजा के दौरान भी कुछ अपराधियों ने खुलेआम पिस्तौल लहराई थी, लेकिन उस समय थाना प्रभारी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि अगर तब सख्ती बरती जाती, तो शायद आज यह घटना नहीं होती।