व्यायाम के उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश
अवर न्यायाधीश टोपनो ने बताया कि निरीक्षण के दौरान टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कारा में बंदियों के साथ कहीं जातिगत भेदभाव, डराने-धमकाने या प्रताड़ना जैसी कोई गतिविधि न हो। टीम ने बंदियों के बैठने की व्यवस्था, पढ़ाई के लिए पुस्तकें, खेल सामग्री और व्यायाम के उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश जेल प्रशासन को दिया।
कारागार के प्रत्येक हिस्से का मुआयना
न्यायाधीश तिवारी के नेतृत्व में टीम ने कारागार के प्रत्येक हिस्से का मुआयना किया और बंदियों से उनके स्वास्थ्य, इलाज, पेयजल, भोजन, नास्ता तथा मुकदमे में पैरवी के लिए अधिवक्ता की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। विशेष रूप से कारागार अस्पताल में बीमार बंदियों के बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र में भेजने के निर्देश भी दिए गए।
सुविधाओं को उपलब्ध कराने का आदेश
टीम ने चिकित्सा सुविधाओं, पुस्तकालय, रसोईघर, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र और ध्यान-सह-योग केंद्र की भी समीक्षा की। न्यायाधीश ने जेल मैनुअल के तहत बंदियों को मिलने वाली सभी सुविधाओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
बेहतर सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
इस मौके पर अपर समाहर्ता सह प्रभारी जेल अधीक्षक विनोद कुमार, सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा, जेल डॉक्टर राजीव कुमार सिंह, डीएसपी धीरेंद्र नारायण बंका, जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा, जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक मिश्रा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, एलएडीसीएस चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, सहायक काउंसिल स्वाति कुमारी, मुस्कान चोपड़ा, जेलर दिनेश कुमार वर्मा और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। यह निरीक्षण जेल प्रशासन की पारदर्शिता, बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।