T20 World Cup: एशियाई क्रिकेट की दो सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी टीमें भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आमने-सामने होंगी। मुकाबला श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के ऐतिहासिक मैदान R. Premadasa Stadium में खेला जाएगा, जहां हर बार की तरह रोमांच अपने चरम पर रहने की उम्मीद है।
इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय टीम की कमान आक्रामक बल्लेबाज Suryakumar Yadav के हाथों में होगी, जबकि पाकिस्तान की अगुवाई युवा कप्तान Salman Agha कर रहे हैं। मैदान के बाहर कई उतार-चढ़ाव और कूटनीतिक चर्चाओं के बाद यह मैच संभव हो पाया है, जिसमें आईसीसी और पीसीबी के समन्वय की अहम भूमिका रही। अब सारी नजरें सिर्फ खेल पर टिकी हैं।
आमने-सामने का रिकॉर्ड: भारत का पलड़ा भारी
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 16 मुकाबले खेले गए हैं और ये सभी बड़े मल्टी-टीम टूर्नामेंट्स का हिस्सा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि भारत ने 13 बार जीत दर्ज कर बढ़त बनाई है, जबकि पाकिस्तान को सिर्फ 3 मौकों पर सफलता मिली है।
हाल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो भारत का आत्मविश्वास बुलंद नजर आता है। एशिया कप 2025 में भी टीम इंडिया ने पाकिस्तान पर दबदबा बनाया था। हालांकि टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता यहां एक अच्छा ओवर या एक बड़ी साझेदारी पूरे मैच का रुख बदल सकती है।
सुपर-8 की जंग: एक जीत, बड़ा फायदा
ग्रुप-ए की अंक तालिका में भारतीय टीम फिलहाल शीर्ष पर काबिज है और उसका नेट रन रेट भी मजबूत है। दोनों टीमें अपने-अपने शुरुआती मुकाबले जीत चुकी हैं, ऐसे में यह मैच सीधे तौर पर सुपर-8 की दौड़ को प्रभावित करेगा।
अगर भारत यह मुकाबला जीतता है तो उसका सुपर-8 में पहुंचना लगभग तय हो जाएगा। वहीं पाकिस्तान के लिए स्थिति "करो या मरो" जैसी बन सकती है, क्योंकि हार की स्थिति में आगे की राह कठिन हो जाएगी। टूर्नामेंट के समीकरणों को देखते हुए यह मुकाबला बेहद अहम साबित होने वाला है।
संभावित प्लेइंग-11 बदलाव के संकेत
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संकेत दिए कि युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को मौका मिल सकता है। माना जा रहा है कि वे प्लेइंग-11 में वापसी कर सकते हैं, जिससे टीम संयोजन में बदलाव संभव है।
ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और ईशान किशन संभाल सकते हैं, जो हालिया मैचों में शानदार लय में दिखे हैं। मध्यक्रम में कप्तान सूर्यकुमार यादव की भूमिका बेहद अहम होगी खासकर अगर शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं। गेंदबाजी विभाग में स्पिनरों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी रहने की संभावना है।
स्पिन पिच पर असली परीक्षा
कोलंबो की पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे में दोनों टीमों की रणनीति काफी हद तक स्पिन आक्रमण के इर्द-गिर्द घूम सकती है। पाकिस्तान के स्पिनरों और भारतीय बल्लेबाजों के बीच दिलचस्प टक्कर देखने को मिल सकती है।
टॉस भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है, क्योंकि दूसरी पारी में ओस या पिच का धीमा व्यवहार खेल को प्रभावित कर सकता है। शुरुआती छह ओवर और बीच के ओवरों की रणनीति मैच का रुख तय कर सकती है।
महाशिवरात्रि के इस खास दिन क्रिकेट का यह महामुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि भावनाओं, इतिहास और प्रतिष्ठा की टक्कर भी होगा। अब देखना यह है कि कोलंबो की धरती पर किसका परचम लहराता है और कौन सुपर-8 की ओर मजबूत कदम बढ़ाता है।