Jamshedpur News: मुंबई से हावड़ा जा रही गीतांजलि एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में रविवार को एक 25 वर्षीय युवक संदिग्ध परिस्थितियों में अचेत पाया गया. टाटानगर स्टेशन पर सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और चिकित्सा टीम ने उसे अटेंड किया.
रेलवे अस्पताल में उपचार और जांच
ट्रेन में सवार यात्रियों और सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों ने युवक के बेहोश होने की जानकारी रेलवे अधिकारियों को दी. जैसे ही ट्रेन टाटानगर स्टेशन पहुंची, युवक को तत्काल कोच से उतारकर इलाज के लिए रेलवे अस्पताल भेजा गया. स्टेशन पर मौजूद रेलवे डॉक्टर ने प्राथमिक जांच की, लेकिन अचेत होने के सटीक कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका. प्राथमिक लक्षणों को देखते हुए रेलवे प्रशासन नशाखुरानी गिरोह का शिकार होने की संभावना जता रहा है.
रेल पुलिस की कार्रवाई
जीआरपी और आरपीएफ मामले की निगरानी कर रहे हैं. रेल पुलिस का कहना है कि युवक अभी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है. उसके होश में आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसके साथ कोई लूटपाट हुई है या वह किसी बीमारी के कारण बेहोश हुआ है.
रेल यात्रा में सुरक्षा और सतर्कता
चलती ट्रेनों में यात्रियों के अचानक अचेत होने की घटनाएं अक्सर नशाखुरानी गिरोहों की सक्रियता की ओर इशारा करती हैं. ऐसे मामले यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं, विशेषकर लंबी दूरी की ट्रेनों में जहां अपराधी जहरखुरानी कर यात्रियों का सामान चंपत कर देते हैं. रेलवे पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने युवक को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन अपराधियों की पहचान और उनकी कार्यशैली पर अंकुश लगाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है.