Chakradharpur: चक्रधरपुर रेलवे ओवरब्रिज पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां प्रतिबंधित "चाइना मांझा" की वजह से स्कूटी सवार मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसा इतना अचानक हुआ कि दोनों संभल भी नहीं पाईं। स्थानीय लोगों की तत्परता और एक युवक की संवेदनशीलता के कारण समय रहते दोनों को अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे उनकी जान बच गई।
बाजार जा रही थीं मां-बेटी, ओवरब्रिज पर हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे क्षेत्र के ईस्ट कॉलोनी क्वार्टर संख्या ई26/2 निवासी बसंती मार्डी अपनी बेटी अनुप्रिया टुडू के साथ स्कूटी से बड़ी बाजार की ओर जा रही थीं। जैसे ही वे रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंचीं, हवा में लटक रहे पतंग के खतरनाक चाइना मांझा ने अचानक बसंती की गर्दन को जकड़ लिया।
स्कूटी चला रही बसंती कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही मांझा उनकी गर्दन में गहराई तक फंस गया। पीछे बैठी बेटी अनुप्रिया ने मां की स्थिति देख घबराते हुए तुरंत अपने हाथों से मांझा हटाने की कोशिश की। लेकिन इसी दौरान मांझा उसके चेहरे में भी उलझ गया, जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गई।
मदद को आगे नहीं आया कोई, राहगीर ने दिखाई इंसानियत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद कई लोग तमाशबीन बने रहे। इसी बीच एक युवक बाइक से वहां पहुंचा और स्थिति को गंभीर देखते हुए बिना समय गंवाए मदद के लिए आगे आया। उसने अपनी बाइक और एक अन्य वाहन की सहायता से दोनों घायलों को तत्काल चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और परिजनों को सूचना दी गई।
बसंती की हालत नाजुक, बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर रेफर
सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार, बसंती की गर्दन में मांझा गहराई तक धंसने से गला बुरी तरह जख्मी हो गया है, जिससे उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर रेफर कर दिया गया।
वहीं अनुप्रिया के चेहरे पर भी मांझे से गंभीर चोटें आई हैं। उसकी नाक, आंख और गाल में गहरे जख्म बताए जा रहे हैं। फिलहाल उसका इलाज जारी है।
प्रतिबंध के बावजूद बाजार में बिक रहा खतरनाक मांझा
यह घटना एक बार फिर से प्रतिबंधित चाइना मांझा के खुलेआम इस्तेमाल और बिक्री पर सवाल खड़े करती है। यह मांझा न सिर्फ इंसानों बल्कि पक्षियों के लिए भी बेहद घातक साबित हो रहा है। प्रशासन द्वारा समय-समय पर चेतावनी और कार्रवाई के बावजूद इसका इस्तेमाल जारी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पर सख्ती से रोक लगाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।