Godda: महागामा थाना क्षेत्र के मांगन पिपरा गांव में 27 जनवरी को हुई पान दुकानदार अमित मोदी (32) की निर्मम हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार बताया जा रहा है।
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि हत्या की यह वारदात आपसी प्रेम संबंध और पारिवारिक साजिश का परिणाम है। जांच में सामने आया है कि मृतक की पत्नी सोनी देवी और उसके देवर रोहित मोदी के बीच पिछले छह वर्षों से अवैध संबंध थे। दोनों अमित मोदी को रास्ते से हटाकर आपस में विवाह करना चाहते थे। इसी उद्देश्य से हत्या की योजना तैयार की गई।
देवर ने दी थी सुपारी
पुलिस के अनुसार, रोहित मोदी ने अपने ही गांव के परिचित मो. शाईन आलम को एक लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। शाईन ने इस काम में सहयोग के लिए मृतक के पड़ोसी विजेंद्र पासवान उर्फ बिदो को शामिल किया और उसे 25 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया।
योजना के तहत वारदात से करीब एक सप्ताह पहले हाट-बाजार से एक धारदार गंड़ासा खरीदा गया। तय योजना के अनुसार 27 जनवरी की रात अमित मोदी को शराब पिलाने के बहाने घर से बाहर बुलाया गया। सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके सिर पर गंड़ासे से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
पत्नी ने मिटाए सबूत
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। घटना की रात जब शाईन मृतक को घर से बुलाकर ले गया, उस समय सोनी देवी घर पर ही मौजूद थी। उसने पहले ही अपने पति का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया था। बाद में सबूत मिटाने के उद्देश्य से गंगा नदी में स्नान के दौरान मोबाइल को नदी में फेंक दिया।
तीन गिरफ्तार, एक फरार
एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में मो. शाईन आलम, विजेंद्र पासवान और सोनी देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, हत्या की साजिश रचने वाला रोहित मोदी फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा तकनीकी साक्ष्य और गहन पूछताछ के आधार पर संभव हो पाया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।