हादसा या साजिश, रात भर नहीं पड़ी किसी की नजर
जानकारी के अनुसार, अजय प्रताप मंगलवार देर रात करीब 11 बजे गम्हरिया से कांड्रा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई, जिससे वाहन का अगला टायर फट गया। चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटना के बाद पूरी रात अजय प्रताप गाड़ी के भीतर ही अचेत अवस्था में पड़े रहे। गाड़ी की हेडलाइट जलती रही, लेकिन न तो राहगीरों और न ही पुलिस पेट्रोलिंग वाहन की नजर उन पर पड़ी।
सोमवार सुबह जब स्थानीय लोगों ने वाहन को देखा और पुलिस को सूचित किया, तब उन्हें आनन-फानन में टाटा मुख्य अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विवादों से रहा है पुराना नाता
अजय प्रताप क्षेत्र के एक रसूखदार व्यवसायी थे, लेकिन उनका नाम कई विवादों से भी जुड़ा रहा, पिछले वर्ष टीचर्स ट्रेनिंग मोड़ के पास एमटीसी मॉल के समीप हुई बमबारी में वे घायल हुए थे। पड़ोस के ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय संस्थान के साथ जमीन को लेकर हुआ उनका विवाद काफी सुर्खियों में रहा था। हाल के दिनों में उनकी गिनती घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन के करीबियों में होने लगी थी।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम का इंतजार
प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि वाहन चलाते समय उन्हें हृदय गति रुकने के कारण दौरा पड़ा, जिससे गाड़ी अनियंत्रित हो गई। हालांकि, उनके आपराधिक पृष्ठभूमि और पुराने विवादों को देखते हुए इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। दुर्घटना और मौत के सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। अजय प्रताप अपने पीछे पत्नी और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद से शिवपुरी कॉलोनी और गम्हरिया व्यापारिक जगत में शोक की लहर है।