Giridih: गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड स्थित दूधपनिया गांव के निवासी विजय कुमार महतो की सऊदी अरब में हुई दर्दनाक मौत के बाद उनके गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। 23 अक्टूबर को सऊदी अरब में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए विजय को वहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अब उनका पार्थिव शरीर डुमरी पहुंच चुका है, लेकिन परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया है।
परिवार ने लगाया धोखे का आरोप
विजय कुमार महतो के परिवार का आरोप है कि उनके साथ धोखा हुआ है और घटना की सच्चाई अब तक स्पष्ट नहीं की गई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें यह तक सही तरीके से नहीं बताया गया कि विजय को गोली कैसे और किन परिस्थितियों में लगी। उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
विजय के पिता सूर्य नारायण महतो ने भावुक स्वर में कहा कि उनका परिवार सिर्फ अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहता है। उन्होंने कहा, “हमारा बेटा रोजी-रोटी कमाने विदेश गया था, लेकिन हमें उसकी लाश मिली। आखिर उसे गोली कैसे लगी, इसकी जवाबदेही कौन लेगा?”
अनिश्चितकालीन धरना की चेतावनी
परिवार ने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें संतोषजनक जवाब और न्याय नहीं मिला तो वे डुमरी अनुमंडल कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देंगे। सूर्य नारायण महतो ने कहा कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार घटना की पूरी सच्चाई सामने नहीं लाती और परिवार को न्याय नहीं मिलता।
परिजनों की मांग है कि सरकार यह बताए कि सऊदी अरब में आखिर क्या हुआ, गोली किसने और किन हालात में चलाई, और इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही परिवार ने उचित मुआवजे की भी मांग की है।
जनप्रतिनिधियों से गुहार
डुमरी के विधायक जयराम महतो ने पहले ही केंद्र सरकार से अपील की थी कि विजय कुमार महतो का पार्थिव शरीर शीघ्र उनके गांव पहुंचाया जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। हालांकि, परिवार का कहना है कि अब तक उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है। इस संबंध में परिजन पूर्व में राज्यपाल से भी मिलकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं।
स्थानीय लोग भी परिवार के समर्थन में खड़े हैं और सरकार से मामले की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।