महागामा एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद, एसडीपीओ महागामा ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हत्या के पीछे पारिवारिक कलह और अवैध संबंध मुख्य वजह रहे। पुलिस के अनुसार मृतक की पत्नी सोनी देवी और छोटे भाई रोहित मोदी के बीच पिछले पांच–छह वर्षों से अवैध संबंध थे।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि अमित कुमार मोदी को दोनों के रिश्ते में बाधा माना जा रहा था। इसी कारण उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। एसडीपीओ के मुताबिक रोहित मोदी ने गांव के ही मो. शाइन आलम को हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी। वहीं विजेंद्र पासवान उर्फ बिदो को 25 हजार रुपये में इस साजिश में शामिल किया गया।
पहले से रची गई थी पूरी साजिश
पुलिस ने बताया कि हत्या पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई। वारदात से करीब एक सप्ताह पहले मेदनीचक हाट से गंडासा खरीदा गया। इसके बाद 27 जनवरी की रात शराब पिलाने के बहाने अमित कुमार मोदी को घर से बाहर बुलाया गया।
योजना के अनुसार आरोपियों ने उस पर सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद शव को कब्रिस्तान के समीप फेंक दिया गया, ताकि मामला सामान्य अपराध जैसा लगे।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
मामले में पत्नी की भूमिका भी महत्वपूर्ण पाई गई। पुलिस के अनुसार सोनी देवी ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मृतक का मोबाइल फोन छिपा दिया और बाद में उसे गंगा नदी में फेंक दिया। हालांकि पुलिस ने तकनीकी जांच और स्थानीय सूत्रों की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ते हुए साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
तीन आरोपी गिरफ्तारपुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों 25 वर्षीय मो. शाइन आलम, 35 वर्षीय विजेंद्र पासवान उर्फ बिदो तथा 30 वर्षीय सोनी देवी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि इस मामले में साजिशकर्ता छोटे भाई रोहित मोदी की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाके में सनसनी और चर्चा का विषय
इस घटना के बाद से मांगन पीपरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि कैसे एक ही घर में रहने वाले अपनों ने विश्वासघात की सारी हदें पार कर दीं। एसडीपीओ ने भरोसा दिलाया है कि फरार आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा और फास्ट ट्रैक ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।