Jharkhand Legislative Assembly: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ हुई. राज्यपाल ने सदन को लोकतंत्र का मंदिर बताते हुए जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित और राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक चर्चा करें. उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन ने कानून का शासन स्थापित करने और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का ईमानदार प्रयास किया है. राज्यपाल ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी और किसानों के ऋण माफी जैसे प्रमुख कार्यों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया.
रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर सरकार की नजर
अपने संबोधन में राज्यपाल ने औद्योगिक निवेश और स्वरोजगार के अवसरों पर विशेष जोर दिया. उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 1.27 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है और हजारों युवाओं को विभिन्न भर्ती कैंपों के माध्यम से रोजगार मिला है. इसके अलावा, पेसा नियमावली 2025, सावित्रीबाई फुले योजना और बाल विवाह मुक्त झारखंड जैसे अभियानों के जरिए सामाजिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं. स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे की चर्चा करते हुए उन्होंने रिम्स-2 के निर्माण और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के विस्तार की सराहना की. अंत में उन्होंने सदन से अपेक्षा जताई कि सभी सदस्य झारखंड को “उत्तम से सर्वोत्तम” बनाने के संकल्प को पूरा करने में सहयोग करेंगे.
राज्यपाल का यह अभिभाषण सरकार के रिपोर्ट कार्ड के साथ-साथ भविष्य की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है. इसमें भ्रष्टाचार पर प्रहार और बड़े पैमाने पर निवेश के दावे यह संकेत देते हैं कि सरकार सुशासन और आर्थिक प्रगति को अपना मुख्य एजेंडा बना रही है. हालांकि, सत्र के दौरान इन दावों की वास्तविकता पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया और बहस की पूरी संभावना है, जो संसदीय लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा का हिस्सा है.