विधानसभाओं का कार्यकाल और संवैधानिक बाध्यता
निर्वाचन आयोग के लिए इन चुनावों को समय पर संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में समाप्त हो रहा है
पश्चिम बंगाल-7 मई 2026, तमिलनाडु- 10 मई 2026 असम-20 मई 2026, केरल-23 मई 2026, पुडुचेरी-15 जून 2026, नियमों के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने से पहले नई सरकार का गठन अनिवार्य है, जिसके चलते अप्रैल का महीना मतदान के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
तैयारियों का जायजा और मतदाता सूची
आयोग के अधिकारियों ने चुनावी राज्यों का दौरा शुरू कर दिया है। हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में एक टीम ने असम का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।
मतदाता सूची, पुडुचेरी और असम ने अपनी अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में भी फरवरी के अंत तक अंतिम सूची प्रकाशित होने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में सुरक्षा कारणों से मतदान कई चरणों में हो सकता है, जबकि असम और केरल जैसे राज्यों में इसे कम चरणों में समेटने की योजना है।
राजनीतिक सरगर्मियां तेज
तारीखों के ऐलान से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। जहाँ सत्ताधारी दल अपने विकास कार्यों के दम पर वापसी की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया और अन्य क्षेत्रीय दल एंटी-इंकंबेंसी को भुनाने की कोशिश में हैं।