Chaibasa: झारखंड के चाईबासा जिले में एक बहुत ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जहां अंधविश्वास की आड़ में एक महिला और उसके दो माह के मासूम शिशु को जिंदा जला दिया गया। यह सनसनीखेज वारदात कुमारडूंगी थाना क्षेत्र के कलाईया गांव में हुई, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है।
डायन बताकर भीड़ ने बरपाया कहर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 9 बजे कलाईया गांव निवासी कोल्हान सिंकु अपने परिवार के साथ घर में आराम कर रहे थे। उनके साथ उनकी दूसरी पत्नी ज्योति सिंकु, दो साल का बेटा और दो माह का नवजात शिशु भी था।
इसी दौरान किसी ने घर के बाहर से आवाज लगाई। जैसे ही कोल्हान और उनकी पत्नी बाहर आए, वहां पहले से मौजूद करीब एक दर्जन महिला-पुरुष और कुछ बच्चे उन्हें घेर चुके थे। भीड़ ने ज्योति पर "डायन" होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
कोल्हान ने हालात को संभालने की कोशिश की और कहा कि सुबह पंचायत में बैठकर बात कर ली जाएगी, लेकिन गुस्साई भीड़ ने उनकी एक न सुनी।
पेट्रोल डालकर लगा दी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थोड़ी ही देर में पेट्रोल से भरा एक गैलन लाया गया। आरोप है कि महिला और उसके पति पर पेट्रोल उड़ेल दिया गया और फिर माचिस जलाकर आग लगा दी गई।
देखते ही देखते आग की लपटों ने ज्योति और उसके मासूम बच्चे को घेर लिया। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कोल्हान सिंकु भी गंभीर रूप से झुलस गए, लेकिन किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकले और एक रिश्तेदार के घर पहुंचकर शरण ली।
घायल पति ने थाने पहुंचकर दी सूचना
बुधवार सुबह कोल्हान सिंकु ने हिम्मत जुटाकर कुमारडूंगी थाने पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद पुलिस टीम गांव पहुंची और महिला व नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
12 आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण
प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस वारदात में एक ही परिवार के करीब 10 लोग शामिल थे। पुलिस कार्रवाई की आशंका के चलते कुल 12 आरोपियों ने थाने में सरेंडर कर दिया है। सभी से पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
अंधविश्वास की काली छाया
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि "डायन बिसाही" जैसी कुप्रथा आज भी समाज के कुछ हिस्सों में जड़ें जमाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद कलाईया गांव में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारी हर पहलू से जांच कर रहे हैं, जिसमें अंधविश्वास, पुरानी रंजिश या अन्य विवाद की संभावनाएं भी शामिल हैं।
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास और कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता की जरूरत को भी उजागर करती है।