राय ने अपने प्रेस वक्तव्य में आरोप लगाया कि धनबाद और बोकारो जिले की सीमा पर स्थित बारनी घाट के सामने दामोदर नदी के किनारे अवैध खननकर्ताओं ने “मोहाना” बनाकर बड़े पैमाने पर कोयले का उत्खनन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक से अधिक मोहाना बनाकर पोकलेन मशीनों से खनन किया जा रहा है। निकाले गए कोयले को पहले बोरियों में भरकर जमा किया जाता है और बाद में ट्रकों के जरिए परिवहन किया जाता है।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल
विधायक ने दावा किया कि इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी धनबाद जिला प्रशासन और जिला पुलिस को है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अवैध खनन प्रशासन और पुलिस के संरक्षण में हो रहा है।
राय के अनुसार, एक पर्यावरण कार्यकर्ता ने अपनी जान जोखिम में डालकर दूर से खींची गई तस्वीरें उन्हें भेजी हैं, जिनमें नदी के किनारे चल रहे अवैध खनन की गतिविधियां स्पष्ट दिख रही हैं। संबंधित पर्यावरण कार्यकर्ता ने धनबाद के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को भी इसकी जानकारी दी है। कुछ पत्रकारों ने भी प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।
दामोदर नदी पर बढ़ता खतरा
विधायक ने कहा कि यह केवल अवैध कोयला खनन का मामला नहीं है, बल्कि इससे दामोदर नदी पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। नदी के पेट से खनन और किनारों पर अतिक्रमण के कारण जलधारा प्रभावित हो सकती है और प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इसके पर्यावरणीय परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
सरकार से कार्रवाई की मांग
सरयू राय ने राज्य सरकार से मांग की है कि दोषी पदाधिकारियों और अवैध खनन में शामिल तत्वों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस पूरे मामले को विधानसभा के बजट सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे, ताकि सरकार जवाबदेह बने और दामोदर नदी को बचाया जा सके।