Jamshedpur: जमशेदपुर स्थित टाटानगर रेलवे स्टेशन से कीताडीह जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 19 फरवरी (गुरुवार) को प्रस्तावित है। इस संबंध में रेलवे प्रशासन की ओर से इलाके में माइकिंग कर लोगों को पूर्व सूचना दी जा चुकी है।
सूचना के बाद कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों को स्वयं हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हालांकि, स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वे न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं, लेकिन पुनर्वास को लेकर रेलवे की ओर से अब तक स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पुनर्वास स्थल स्पष्ट नहीं
मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने 22 जनवरी को सुनवाई करते हुए स्टेशन चौक से कीताडीह की ओर सड़क किनारे वर्षों से दुकान चला रहे लोगों को एक महीने का समय दिया था। साथ ही रेलवे को निर्देश दिया गया था कि 42 दिनों के भीतर प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास के लिए रेलवे क्षेत्र में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर इसकी जानकारी दी जाए।
अदालत ने तय समय सीमा के बाद रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा था। मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को निर्धारित है।
दुकानदारों का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी उन्हें पुनर्वास के लिए कोई स्थान नहीं बताया गया है।
पहले भी हुई है आंशिक तोड़फोड़
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग पहले ही स्टेशन-कीताडीह रोड पर स्थित 25 दुकानों में से लगभग एक दर्जन दुकानों को हटा चुका है। इसके बाद कुछ दुकानदारों ने अदालत का रुख किया, जिसके चलते अभियान कुछ समय के लिए रुक गया था।
स्टेशन विस्तार योजना से जुड़ी कार्रवाई
रेलवे की स्टेशन विस्तार योजना के तहत कीताडीह और गोलपहाड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की तैयारी पहले से चल रही थी। अब अदालत द्वारा दी गई समय-सीमा पूरी होने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
फिलहाल स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि दुकानदार निर्धारित समय के भीतर अपनी दुकानें नहीं हटाते हैं, तो उनके पास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतर अदालत में जाने का विकल्प खुला रह सकता है।