Jharkhand: झारखंड के पलामू जिले स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) में बुधवार देर रात उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक मरीज के परिजनों ने इलाज के दौरान एक्सपायरी नॉर्मल सलाइन (एनएस) चढ़ाने का आरोप लगाया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में अन्य मरीजों के परिजन भी इकट्ठा हो गए और कुछ समय के लिए माहौल गर्म हो गया। सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद पुलिस चौकी के जवान मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
सड़क हादसे में घायल होकर अस्पताल पहुंचा था मरीज
जानकारी के अनुसार, तरहसी थाना क्षेत्र के निवासी रविंद्रनाथ शुक्ला के 40 वर्षीय पुत्र राजीव रंजन शुक्ला बुधवार को किसी कार्य से मेदिनीनगर आए थे। शाम को घर लौटते समय लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के कुंदरी गांव के पास उनकी बाइक को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वे घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए एमएमसीएच लाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
परिजनों ने लगाई एक्सपायरी एनएस चढ़ाने की शिकायत
मरीज के परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान उन्हें जो नॉर्मल सलाइन चढ़ाई गई, उसकी वैधता 1 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुकी थी। उनका कहना है कि सलाइन चढ़ने के कुछ समय बाद मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन को दवाओं और सलाइन की वैधता की नियमित जांच करनी चाहिए।
कुछ अन्य परिजनों ने भी आरोप लगाया कि उनके मरीजों को भी एक्सपायरी सलाइन चढ़ाई गई है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
एक मरीज की तबीयत बिगड़ने से बढ़ी चिंता
परिजनों के अनुसार, एक अन्य मरीज के मुंह से झाग निकलने की बात सामने आई, जिसके बाद अस्पताल में मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ गई। इसी बीच शोरगुल और विरोध तेज हो गया।
अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी के जवान विकास कुमार और गौरव कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और स्थिति को शांत कराया।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामले की जांच शुरू की गई है या नहीं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी। फिलहाल परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।