विकास के लिए प्रशासनिक कार्रवाई
रेलवे के लैंड डिपार्टमेंट के अधिकारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई टाटानगर स्टेशन के आगामी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को गति देने के लिए की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल प्रशासन माननीय कोर्ट के आदेशों का अनुपालन कर रहा है। अभियान के दौरान लगभग 22 से 25 व्यावसायिक निर्माणों को चिन्हित कर हटाया गया है, ताकि स्टेशन परिसर के विस्तारीकरण में कोई बाधा न आए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मौके पर आरपीएफ के जवानों के साथ बागबेड़ा थाना पुलिस की भारी तैनाती की गई थी। हालांकि, प्रशासनिक सख्ती को देखते हुए कई दुकानदारों ने सुबह से ही अपनी दुकानों से सामान सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया था, जिससे अभियान के दौरान बड़े विरोध की स्थिति नहीं बनी।
क्यों जरूरी था यह कदम
टाटानगर स्टेशन न केवल झारखंड बल्कि दक्षिण पूर्व रेलवे का एक प्रमुख हब है। स्टेशन के विस्तार का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित है, यात्रियों के लिए आधुनिक वेटिंग हॉल, चौड़े फुटओवर ब्रिज और बेहतर पार्किंग की व्यवस्था करना। स्टेशन के बाहर लगने वाले भीषण जाम से राहत दिलाना और पहुंच मार्ग को चौड़ा करना। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्टेशन को स्मार्ट सुविधाओं से लैस करना।
रेल प्रशासन का कहना है कि स्टेशन की सुंदरता बढ़ेगी
रेल प्रशासन का कहना है कि टाटानगर स्टेशन का नया स्वरूप जमशेदपुर की पहचान बनेगा। अतिक्रमण मुक्त होने से न केवल स्टेशन का सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि विकास कार्यों को भी तेज गति मिलेगी। आने वाले दिनों में रेलवे अपनी अन्य जमीनों से भी अवैध कब्जे हटाने की योजना बना रहा है।