Railway: देशभर के लाखों रेल यात्रियों, खासकर आम और मध्यम वर्ग के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, भारतीय रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों की कोच संरचना में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड के नए निर्देश के अनुसार अब सभी एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर और जनरल श्रेणी के कुल 12 नॉन-एसी कोच रखना अनिवार्य होगा, जबकि एसी कोच की अधिकतम संख्या 8 तक सीमित कर दी जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना और भीड़ के दबाव को कम करना है।
इसका सीधा असर एक्सप्रेस ट्रेनों पर होगा
इस निर्णय का सीधा असर धनबाद से खुलने वाली प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों पर पड़ेगा, जिनमें अभी एसी कोच की संख्या अधिक है। अब इन ट्रेनों से एक-एक एसी कोच हटाकर उनकी जगह स्लीपर और जनरल कोच जोड़े जाएंगे। इससे उन यात्रियों को सबसे अधिक फायदा होगा, जो लंबी दूरी की यात्रा स्लीपर या जनरल श्रेणी में करते हैं और अक्सर सीट नहीं मिलने की परेशानी झेलते है उनको इस से बड़ी राहत मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार
रेलवे अधिकारियों के अनुसार गंगा-दामोदर, गंगा-सतलज और एलेप्पी जैसी ट्रेनों में पूरे साल यात्रियों की भारी भीड़ रहती है। खासकर छठ, दिवाली, होली, शादी-विवाह और अन्य पर्व-त्योहारों के दौरान जनरल और स्लीपर कोच में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में इन कोचों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को न केवल सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि यात्रा भी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार देशभर में इस समय लगभग 57 हजार से अधिक नॉन-एसी कोच संचालित हो रहे हैं, जिनमें करीब 54 लाख सीटें उपलब्ध हैं। हर साल करोड़ों यात्री इन्हीं कोचों में सफर करते हैं, जिससे साफ है कि भारतीय रेलवे की रीढ़ आज भी स्लीपर और जनरल श्रेणी ही है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।
पूर्व मध्य रेलवे की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुरूप कोच संरचना में बदलाव की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि रेलवे का उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को सुविधा देना और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है।
इस नए फैसले से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी
इस नए फैसले को आम यात्रियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे न केवल भीड़ कम होगी, बल्कि आम लोगों के लिए ट्रेन यात्रा पहले से ज्यादा सुलभ, सुरक्षित और आरामदायक बन सकती है।