Breakup Recovery Tips: ब्रेकअप के बाद दिल टूटने का दर्द किसी सदमे से कम नहीं होता. अक्सर लोग पुरानी यादों, तस्वीरों और सोशल मीडिया के जाल में उलझकर अपनी मेंटल हेल्थ बिगाड़ लेते हैं. अगर आप भी मूव ऑन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो ये 5 टिप्स आपकी जिंदगी में नई शुरुआत करने में मददगार साबित हो सकते हैं.
यादों से बनाएं डिजिटल दूरी
मूव ऑन करने का सबसे बुनियादी नियम है “नो कॉन्टैक्ट”. ब्रेकअप के बाद बार-बार एक्स का सोशल मीडिया प्रोफाइल चेक करना या पुराने चैट्स पढ़ना जख्मों को कुरेदने जैसा है. खुद को हील करने के लिए उन्हें हर प्लेटफॉर्म से अनफॉलो या ब्लॉक करें. जब तक आप पुरानी यादों का दरवाजा बंद नहीं करेंगे, नई खुशियों की एंट्री नहीं होगी.
अकेलेपन को हावी न होने दें
दर्द में अक्सर लोग खुद को कमरे में कैद कर लेते हैं, जिससे डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे समय में अपनों का साथ सबसे बड़ी दवा है. अपने दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं. जो बातें परेशान कर रही हैं, उन्हें किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें. बोलने से न केवल मन हल्का होता है, बल्कि जिंदगी को देखने का एक नया नजरिया भी मिलता है.
सेल्फ केयर में खुद को करें व्यस्त
खाली दिमाग हमेशा अतीत की गलियों में भटकता है. खुद को बिजी रखने के लिए वर्कआउट, पेंटिंग या कुकिंग जैसी नई हॉबीज अपनाएं. फिजिकल एक्टिविटी से शरीर में एंडोर्फिन जैसे “हैप्पी हार्मोन्स” रिलीज होते हैं, जो न सिर्फ स्ट्रेस कम करते हैं बल्कि आपके खोए हुए आत्मविश्वास को वापस लाने में भी मदद करते हैं.
खुद को गुनहगार समझना छोड़ें
रिश्ता टूटने के बाद ज्यादातर लोग खुद को ही दोष देने लगते हैं. यह समझना जरूरी है कि कोई भी रिश्ता दोनों तरफ की कोशिशों से टिकता है. अगर वह खत्म हो गया है, तो इसका मतलब है कि वह आपके लिए सही नहीं था. खुद को माफ करना सीखें और अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ें.
प्रोफेशनल हेल्प लेने में न हिचकिचाएं
अगर लंबे समय बाद भी आप खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं और इसका असर आपके काम या सेहत पर पड़ रहा है, तो एक्सपर्ट की सलाह लें. काउंसलर या थेरेपिस्ट से बात करना कोई कमजोरी नहीं है. थेरेपी आपको अपनी उलझी हुई भावनाओं को सुलझाने और जीवन को पटरी पर लाने का सही रास्ता दिखाती है.
मूव ऑन करना कोई रातों-रात होने वाला चमत्कार नहीं, बल्कि एक धीमी प्रक्रिया है. इसके लिए सबसे पहले खुद के प्रति ईमानदार और दयालु होना जरूरी है. पुरानी यादों से दूरी और अपनी लाइफ पर फोकस ही इस दर्द से निकलने का इकलौता रास्ता है. याद रखें, आपकी खुशी किसी और की मौजूदगी पर नहीं, बल्कि आपके फैसलों पर निर्भर करती है.