Jamshedpur: केरला पब्लिक स्कूल (के.पी.एस.), कदमा के प्रांगण में 23 फरवरी 2026 को कक्षा पाँचवीं (सत्र 2025-26) के विद्यार्थियों के लिए आभार दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। इस विशेष दिवस का उद्देश्य छात्रों को अपने शिक्षकों से प्राप्त शिक्षा, मार्गदर्शन और जीवन के मूल्यों पर चिंतन करने तथा उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का मंच प्रदान करना था।
गरिमामय उपस्थिति और प्रेरणादायक संबोधन
कार्यक्रम में विद्यालय की अध्यक्षा मनोरमा नायर, निदेशक शरत चंद्रन, संस्थापक सदस्या शांता वैद्यनाथन, शिक्षा निदेशिका लक्ष्मी शरत और प्राचार्या शर्मिला मुखर्जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यअध्यापिका अलमेलु रविशंकर के ओजपूर्ण भाषण से हुआ, जिन्होंने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार रहने का मंत्र दिया।
विद्यालय की अध्यक्षा मनोरमा नायर ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों के माध्यम से बच्चों को संस्कारी बनने और कर्मपथ पर अडिग रहने की प्रेरणा दी। वहीं, निदेशक शरत चंद्रन ने कहा कि "सीखना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है" और बच्चों को जिज्ञासा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
मूल्यों की शपथ और सांस्कृतिक प्रस्तुति
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता जैसे मानवीय मूल्यों की शपथ ली। विद्यालय की गायन-मंडली ने अपनी सुमधुर प्रस्तुति से कार्यक्रम में उल्लास भर दिया। शिक्षा निदेशिका लक्ष्मी शरत ने छात्रों को सहानुभूति, सेवा-भाव और अच्छी दिनचर्या अपनाने की सीख दी।
सम्मान और स्मृतियाँ
समारोह में लगभग 188 विद्यार्थियों को उनकी प्राथमिक शिक्षा पूर्ण करने और सह-शैक्षिक गतिविधियों में योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। पुरस्कारों की श्रेणी में मुख्य आकर्षण रहे, श्रेष्ठ छात्र, नीलेश पाल (5-द) श्रेष्ठ छात्रा, विद्या कुमारी (5-स) सर्वश्रेष्ठ परामर्शदाता व छात्राध्यक्षा, अंजलि कुमारी (5-स) छात्राध्यक्षा अंजलि कुमारी ने भावपूर्ण शब्दों में अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों का आभार माना। कार्यक्रम के अंत में एक सेल्फी कॉर्नर भी बनाया गया, जहाँ छात्रों ने अपने सुनहरे पलों को कैमरे में कैद किया।
कार्यक्रम का समापन कक्षा चौथी के विद्यार्थी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह दिन बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा की सुखद विदाई और माध्यमिक शिक्षा के नए अध्याय की ओर बढ़ने का एक प्रेरणादायक मील का पत्थर साबित हुआ।