Jharkhand Budget 2026-27: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा पेश वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य की बुनियादी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए भारी-भरकम आवंटन किया गया है.
ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा: महिलाओं और पेंशनरों को बड़ा तोहफा
ग्रामीण क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए सरकार ने 12,346 करोड़ 90 लाख रुपये का भारी-भरकम बजट प्रस्तावित किया है. इसमें 15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली राशि का 60% हिस्सा सीधे जलापूर्ति और स्वच्छता पर खर्च किया जाएगा.
मंईयां सम्मान योजना: महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए 14,065 करोड़ 57 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है.
सर्वजन पेंशन: लगभग 34 लाख लाभार्थियों के लिए 3,517 करोड़ 23 लाख रुपये आवंटित हैं, जिसमें 50 वर्ष से अधिक की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं और SC/ST पुरुष भी शामिल हैं.
अतिरिक्त राहत: असहाय लोगों के लिए 9 लाख कंबलों के वितरण हेतु 56 करोड़ रुपये और 1,100 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 176 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं.
शिक्षा में “लीडर स्कूल” और तकनीकी विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यापक निवेश की योजना है. 16,251 करोड़ रुपये स्कूली शिक्षा और 2,564 करोड़ रुपये उच्च शिक्षा के लिए रखे गए हैं.
उत्कृष्ट विद्यालय: 80 उत्कृष्ट विद्यालयों (School of Excellence) के विस्तार हेतु 182.60 करोड़ रुपये का प्रावधान है.
नई यूनिवर्सिटी: उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी.
डिजिटल लर्निंग: 2,495 स्कूलों में ICT कार्यक्रम लागू किया गया है और व्यावसायिक शिक्षा के लिए सैकड़ों नई लैब स्थापित की जा रही हैं.
प्रशिक्षण: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा 1 और 2 की नई किताबें तैयार हैं और 40 हजार शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है.
स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव: कैंसर और डायग्नोस्टिक्स पर जोर
स्वास्थ्य बजट में गंभीर बीमारियों के इलाज और जांच की सुविधाओं को जिला स्तर पर ले जाने की कोशिश की गई है.
कैंसर रोकथाम: इसके लिए विशेष तौर पर 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
आधुनिक मशीनें: राज्य के सभी 5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PET-CT स्कैन और 24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगाई जाएंगी.
PPP मोड में मेडिकल कॉलेज: धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और खूँटी के अस्पतालों को निजी भागीदारी (PPP) से मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा.
कैथलैब: सभी मेडिकल कॉलेजों में हृदय रोगों के इलाज के लिए कैथलैब स्थापित की जाएगी.
कुपोषण पर प्रहार: बच्चों और माताओं के लिए पूरक पोषाहार
कुपोषण से निपटने के लिए 829 करोड़ 99 लाख रुपये का प्रावधान है. इसके तहत 21 लाख से अधिक बच्चों और 2.60 लाख गर्भवती महिलाओं को साल में 300 दिन पौष्टिक आहार मिलेगा. साथ ही, 10 लाख से अधिक बच्चों को जूते-मोजे, स्वेटर और पठन सामग्री देने के लिए 260 करोड़ रुपये खर्च होंगे. महिलाओं और बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए कुल 22,995 करोड़ 69 लाख रुपये का बड़ा हिस्सा बजट में सुरक्षित किया गया है.
1.58 लाख करोड़ के इस बजट में सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण विकास को जो प्राथमिकता दी गई है, वह आगामी राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की एक स्पष्ट कोशिश है. पेंशन और महिला सम्मान राशि में भारी निवेश यह बताता है कि सरकार “डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर” (DBT) के जरिए जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है. शिक्षा में व्यावसायिक लैब और स्वास्थ्य में PET-CT स्कैन जैसी मशीनों का प्रस्ताव अगर धरातल पर उतरता है, तो यह झारखंड के मानव विकास सूचकांक (HDI) में एक बड़ा उछाल ला सकता है.