विवाद और खौफनाक हत्या
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान मनवेंद्र सिंह (50) के रूप में हुई है। आरोपी बेटा अक्षत सिंह पुलिस की हिरासत में है। पूछताछ में अक्षत ने कबूल किया कि 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे उसका अपने पिता से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। बहस इतनी बढ़ी कि गुस्से में आकर अक्षत ने पिता पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
साक्ष्य मिटाने की क्रूर कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने जो किया, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए, हत्या के बाद अक्षत शव को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर पर लाया। साक्ष्य मिटाने के लिए उसने शव को कई हिस्सों में काटा। शरीर के मुख्य हिस्से धड़ को एक ड्रम में डालकर छिपा दिया। शरीर के अन्य अंगों को उसने शहर के अलग-अलग सुनसान इलाकों में फेंक दिया ताकि पहचान न हो सके।
पुलिस की कार्रवाई
सेंट्रल जोन के डीसीपी विक्रांत वीर ने बताया कि आशियाना थाने में मनवेंद्र सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान जब बेटे पर शक हुआ और कड़ाई से पूछताछ की गई, तो सारा सच सामने आ गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।