Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती देने के लिए खूंटी, गिरिडीह, जामताड़ा और धनबाद में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की रूपरेखा तैयार कर ली है. इन चारों जिलों के सदर अस्पतालों को अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज में तब्दील किया जाएगा. इस पूरी परियोजना पर कुल 1,249 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. सरकार ने इस योजना में तकनीकी सहयोग और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अर्नेस्ट एंड यंग को ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त किया है.
केंद्र और राज्य सरकार साझा करेंगी खर्च का बोझ
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में वित्तीय भागीदारी का ढांचा तय कर दिया गया है. कुल लागत में भारत सरकार 464.23 करोड़ रुपये और राज्य सरकार 308.37 करोड़ रुपये का अनुदान देगी, जबकि शेष राशि चयनित प्राइवेट पार्टनर द्वारा निवेश की जाएगी. संचालन और रखरखाव (O&M) के लिए भी अगले पांच वर्षों में 660.17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. खूंटी में प्रोजेक्ट का 80 प्रतिशत हिस्सा सरकारी अनुदान से कवर होगा, जबकि धनबाद, गिरिडीह और जामताड़ा के लिए अलग-अलग स्लैब निर्धारित किए गए हैं.
खूंटी में चार साल, अन्य जिलों में पांच साल का लक्ष्य
निर्माण कार्य की समयसीमा भी तय कर दी गई है. खूंटी मेडिकल कॉलेज का निर्माण सबसे तेज यानी चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि धनबाद, जामताड़ा और गिरिडीह की योजनाएं पांच वर्षों में धरातल पर उतरेंगी. राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक के लिए अपने हिस्से की 424.04 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति दे दी है. स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रक्रिया को गति देने के लिए टेंडर और अनुदान वितरण हेतु विशेष कमेटियों का गठन भी कर दिया है.
किस जिले को कितना मिला बजट
परियोजना के तहत गिरिडीह मेडिकल कॉलेज पर सबसे अधिक 428 करोड़ रुपये खर्च होंगे. वहीं धनबाद और जामताड़ा के लिए 352-352 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. खूंटी मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर 117 करोड़ रुपये व्यय होंगे. इन कॉलेजों के खुलने से न केवल राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को अपने ही जिले में विशेषज्ञ इलाज की सुविधा मिल सकेगी. शुल्क का निर्धारण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा गठित कमेटी करेगी.