Jharkhand Budget Session: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन सदन की कार्यवाही के दौरान जमीन के अवैध हस्तांतरण, प्रदूषण और मुआवजे जैसे गंभीर मुद्दे छाए रहे. विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने राज्य में आदिवासियों की जमीन के गलत तरीके से हो रहे हस्तांतरण का मामला उठाते हुए कहा कि इससे न केवल आदिवासी समुदाय का अनुपात घट रहा है, बल्कि उनकी राजनीतिक, भाषाई और सांस्कृतिक पहचान पर भी संकट मंडरा रहा है. उन्होंने रांची के अनुसूचित क्षेत्र से अनारक्षित होने और बिना नक्शा पास कराए बन रहे अवैध मकानों पर सवाल खड़े किए.
जमीन वापसी और अवैध हस्तांतरण पर सरकार का रुख
विधायक के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री दीपक बिरूआ ने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग सीएनटी (CNT) एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्य कर रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कहीं भी गलत तरीके से जमीन का हस्तांतरण हुआ है, तो उसे वापस दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी. हालांकि, सरकार ने स्वीकार किया कि फिलहाल अवैध हस्तांतरण और जमीन वापसी का पूरा आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, जिसकी रिपोर्ट जल्द मंगाई जाएगी. मंत्री सुदिव्य सोनू ने भी आश्वस्त किया कि कानून के तहत दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
रामगढ़ में मुआवजा और कोडरमा में प्रदूषण का मुद्दा
रामगढ़ के बसंतपुर प्रोजेक्ट का मामला उठाते हुए चंद्रदेव महतो ने गैर मजरूआ जमीन और जंगल की भूमि पर चर्चा की. मंत्री दीपक बिरूआ ने घोषणा की कि जो लोग ऐसी जमीन पर 30 वर्षों से रह रहे हैं, उन्हें “कायमी रैयत” मानकर मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई पर रोक लगाने और एक महीने में मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने की बात कही. वहीं, कोडरमा में घनी आबादी के बीच स्थित आयरन फैक्ट्री को हटाने की मांग पर मंत्री संजय यादव ने कहा कि डीसी के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी.
विकास योजनाएं और बुनियादी समस्याओं पर चर्चा
सदन में अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी मंत्रियों ने सरकार का पक्ष रखा:
मत्स्य महाविद्यालय: नाला में मत्स्य महाविद्यालय की मांग पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि फिलहाल ऐसा प्रस्ताव नहीं है, लेकिन प्रशिक्षण केंद्र खोलने पर विचार किया जा सकता है.
सड़क निर्माण: हुसैनाबाद-तिसरा उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर सुदिव्य सोनू ने बताया कि डीपीआर और ट्रैफिक सेंसस की प्रक्रिया जारी है.
बिजली-पानी संकट: भवनाथपुर में सीसीएल क्वार्टरों के बिजली-पानी कनेक्शन कटने पर संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गढ़वा डीसी से बात कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया.
पैक्स घोटाला: चतरा में लैम्प्स पैक्स को दिए गए 11 करोड़ के ऋण में गड़बड़ी के आरोप पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सभी पैक्स का ऑडिट कराने के निर्देश दिए.
विधानसभा में भूमि सुधार से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक के मुद्दों पर सरकार ने जांच का भरोसा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े प्रशासनिक निर्णय देखने को मिल सकते हैं.