Jharkhand News: झारखंड में पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर फेरबदल की तैयारी में है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मार्च महीने में डीएसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की जा सकती है. इस कवायद को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय स्तर पर गहन मंथन जारी है और संभावित नामों को अंतिम रूप दिए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है.
प्रतीक्षारत और प्रोन्नत अधिकारियों को मिलेगी नई जिम्मेदारी
इस फेरबदल की मुख्य वजह लंबे समय से पदस्थापना का इंतजार कर रहे अधिकारी और हाल ही में पदोन्नत हुए पुलिसकर्मी हैं. आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में लगभग 39 डीएसपी ऐसे हैं जो काफी समय से “वेटिंग फॉर पोस्टिंग” में हैं. इसके साथ ही, 64 इंस्पेक्टरों को हाल ही में डीएसपी पद पर प्रोन्नत किया गया है, जिन्हें अब तक नई भूमिका नहीं मिल पाई है. मार्च में होने वाले इस तबादला आदेश के तहत इन सभी 103 अधिकारियों को विभिन्न जिलों और विशेष इकाइयों में तैनात किए जाने की प्रबल संभावना है.
अनुभव और जिलों की जरूरत के आधार पर तैयार हो रही सूची
विभागीय स्तर पर तैयार की जा रही इस सूची में अधिकारियों की सेवा विवरणी, उनके पिछले अनुभव और संबंधित जिलों की भौगोलिक व प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जा रहा है. कई प्रोन्नत अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग न मिल पाने के कारण जमीनी स्तर पर पुलिसिंग और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा था. सरकार इस व्यापक फेरबदल के जरिए रिक्त पदों को भरकर पुलिसिंग व्यवस्था में एक नया संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है.
रिक्त पदों को भरने और पुलिसिंग मजबूत करने पर जोर
हालिया प्रमोशन और विभागीय पुनर्गठन के बाद अपराध शाखा (Crime Branch), ट्रैफिक, विशेष शाखा (Special Branch) और जिला बल में डीएसपी स्तर के कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं. सरकार की प्राथमिकता है कि इन सभी संवेदनशील और महत्वपूर्ण पदों पर नियमित तैनाती की जाए. मार्च में होने वाली इस बड़ी हलचल से उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य की सुरक्षा और जांच एजेंसियों की कार्यक्षमता में इजाफा होगा और पुलिसिंग व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होकर उभरेगी.