Jharkhand: झारखंड विधानसभा में धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ऑक्सीजन व्यवस्था को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। धनबाद से विधायक राज सिन्हा ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2020-21 में पीएम केयर फंड से अस्पताल परिसर में तीन ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए थे।
उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान में इन तीन में से दो प्लांट खराब पड़े हैं, जिससे मरीजों को नियमित और सुचारू रूप से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में दिक्कतें आ रही हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि प्लांट की मरम्मत को लेकर जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं है। कभी सिविल सर्जन को निर्देश दिया जाता है तो कभी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक को, जिससे स्थिति और उलझती जा रही है।
राज सिन्हा ने सरकार से सीधा सवाल किया है कि आखिर ये प्लांट कब तक दुरुस्त होंगे और मरीजों को हो रही परेशानी का समाधान कब मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी स्थिति की जानकारी
इस पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्वीकार किया कि तीन में से दो ऑक्सीजन प्लांट फिलहाल काम नहीं कर रहे हैं और एक प्लांट ही चालू है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं होने दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर सिलेंडर के जरिए आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि प्लांट की मरम्मत के लिए कई बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन किसी एजेंसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बावजूद सरकार जल्द समाधान निकालने और प्लांट को फिर से चालू करने के प्रयास में है।
विधायकों के फर्नीचर भत्ते में बढ़ोतरी की मांग
सदन में एक और मुद्दा उस समय चर्चा में आया जब विधायकों को नए आवास में शिफ्ट किए जाने के बाद फर्नीचर मद की राशि बढ़ाने की मांग उठी। विधायक राज सिन्हा ने कहा कि फिलहाल नए आवास में जाने पर 3 लाख रुपये की राशि दी जाती है, जो मौजूदा महंगाई को देखते हुए पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाए, ताकि विधायक अपने आवास को आवश्यक सुविधाओं के साथ व्यवस्थित कर सकें।
इस प्रस्ताव को सदन में अधिकांश सदस्यों का समर्थन मिला। हालांकि विधायक जयराम महतो ने इस पर असहमति जताई, जबकि बाकी सदस्यों ने इसे उचित मांग बताया।
सरकार की ओर से इस विषय पर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है, लेकिन सदन में उठी यह मांग आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकती है।