Jharkhand Politics: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार और जिला प्रशासनों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि चक्रधरपुर, चाईबासा, चास और देवघर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया. उन्होंने दावा किया कि मतगणना के दौरान प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर उन उम्मीदवारों को हराने की साजिश रची गई, जिन्हें जनता का स्पष्ट समर्थन प्राप्त था. भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, प्रशासन को निष्पक्ष रहने के बजाय सत्ताधारी दल के पक्ष में काम करते देखा गया, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है.
आचार संहिता के दौरान सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का दावा
भाजपा अध्यक्ष ने चुनावी शुचिता पर चोट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू थी, तब मतदाताओं को लुभाने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं की राशि का वितरण किया गया. भाजपा का तर्क है कि यह मतदाताओं को सीधे तौर पर प्रभावित करने की एक सोची-समझी रणनीति थी, ताकि सरकारी संसाधनों के जरिए सत्ताधारी दलों के पक्ष में माहौल बनाया जा सके. उन्होंने चुनाव आयोग से इन गतिविधियों की गहराई से जांच करने की मांग की है.
जनता ने सत्ताधारी दल के अहंकार पर किया प्रहार
इन तमाम चुनौतियों और कथित प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य की जनता ने सत्ताधारी गठबंधन को नकार कर एक स्पष्ट संदेश दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाताओं ने न केवल इन अनैतिक प्रयासों को विफल किया, बल्कि वर्तमान सरकार के “अहंकार” का भी अंत कर दिया है. भाजपा ने इस चुनावी परिणाम को आम जनता की जीत और भ्रष्टाचार तथा प्रशासनिक कुप्रबंधन के खिलाफ एक कड़ा जनादेश बताया है.