होली की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम शहर के सांस्कृतिक कैलेंडर का प्रमुख आकर्षण बन चुका है।
26 वर्षों से जीवंत काव्य परंपरा
संस्था के प्रणेता एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी गोविंद दोदराजका पिछले 26 वर्षों से इस काव्य परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयासों से यह कवि सम्मेलन जमशेदपुरवासियों के लिए हास्य और साहित्य का अनुपम उत्सव बन गया है, जिसमें देश के अनेक दिग्गज कवि शिरकत कर चुके हैं।
संतोष आनंद की गरिमामयी उपस्थिति
मंच पर 85 वर्ष से अधिक आयु के वयोवृद्ध एवं प्रसिद्ध कवि संतोष आनंद की गरिमामयी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
अन्य आमंत्रित कवियों में नेताजी लपेटे में कार्यक्रम से चर्चित डॉ. आदित्य जैन, मुन्ना बैटरी, हिमांशु बवंडर, चेतन, श्रद्धा और शशि श्रेया ने अपनी ओजपूर्ण एवं हास्यरस से भरपूर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साहित्यप्रेमियों की उमड़ी भीड़
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित साहित्यप्रेमी श्रोताओं ने मुक्त कंठ से कविताओं और व्यंग्य का आनंद लिया। अंत में सभी ने इस सफल आयोजन के लिए गोविंद दोदराजका के प्रति आभार व्यक्त किया।
सांस्कृतिक चेतना को मिलती है मजबूती
ऐसे आयोजनों से शहर की सांस्कृतिक चेतना सशक्त होती है और नई पीढ़ी को साहित्य, कविता और हास्य-व्यंग्य की परंपरा से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। सुरभि का यह प्रयास न केवल मनोरंजन, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता का भी सशक्त माध्यम बन चुका है।