Jamshedpur News: होली के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल्स सोसाइटी (एफटीएस) के युवा विंग ने सारथी एनजीओ के साथ मिलकर एक सराहनीय पहल शुरू की है. इस पहल के तहत मंदिरों में चढ़ाए गए पवित्र फूलों से 100 प्रतिशत प्राकृतिक हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है.
महिलाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के अवसर
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रासायनिक रंगों के स्थान पर सुरक्षित और प्राकृतिक गुलाल के उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि होली का त्योहार स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित रहे. साथ ही, इस कार्य के जरिए महिलाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के अवसर भी मिल रहे हैं. महिलाएं गुलाल तैयार करने से लेकर उसकी पैकिंग और बिक्री तक की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं.
कार्यक्रम के दौरान एफटीएस किड्स की अद्विका काबरा और काश्वी गर्ग ने भी अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि हर्बल गुलाल बनाने की प्रक्रिया सीखना उनके लिए नया और प्रेरणादायक अनुभव रहा. यह नई पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है.
महिला सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा
सारथी एनजीओ की संस्थापक पूजा अग्रवाल ने कहा कि उनका संगठन लगातार कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है. उन्होंने एफटीएस युवा के साथ मिलकर इस पहल को समाज के लिए उपयोगी कदम बताया.
एफटीएस युवा की अध्यक्ष रश्मि गर्ग ने कहा कि संगठन गांव और शहर के युवाओं को जोड़ने का काम कर रहा है. इसका उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति, स्वदेशी विचार और समाज सेवा से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है.
जमीनी स्तर पर काम करना और समाज से सीधे जुड़ना जरूरी
कोषाध्यक्ष निधि मित्तल ने वनयात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर काम करना और समाज से सीधे जुड़ना जरूरी है. वहीं, राजेश मित्तल ने ग्रामीण और वनवासी समाज में शिक्षा, सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी.
इस अवसर पर सुनील बागरोडिया ने एकल विद्यालय की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि यह पहल दूर-दराज के गांवों में संस्कारयुक्त शिक्षा पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है.
यह पूरी पहल होली को प्राकृतिक, सुरक्षित और समाज के लिए उपयोगी तरीके से मनाने का संदेश दे रही है, साथ ही महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है.