Saraikela: सरायकेला जिले में आगजनी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को चांडिल अनुमंडल स्थित हुमीद ओपी के समीप अचानक आग लगने से पुलिस का एक पेट्रोलिंग वाहन जलकर पूरी तरह खाक हो गया। घटना के अगले ही दिन मंगलवार को सीनी ओपी क्षेत्र के सिंदरी गांव के पास जंगल में लगी आग ने रिहायशी इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान एक वृद्ध, मुचीराम महतो, की जान चली गई।
समय पर काबू न पाने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में लगी आग धीरे-धीरे गांव तक पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, क्योंकि रास्ता ठीक नहीं था। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया जाता तो मुचीराम महतो की जान बचाई जा सकती थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हुमीद ओपी के पास पुलिस वाहन के जलने की घटना ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब पुलिस के वाहन ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
प्रशासन की चुप्पी से नाराजगी
लगातार हो रही घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समय सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का है, न कि लापरवाही का।
आग पर नियंत्रण की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगलों में लगने वाली आग पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।