Raghuvar Das Held A Press Conference: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, इस दौरान राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहां कि शराब नीति को लेकर एक बार वर्तमान में इंडिया गठबंधन की सरकार ने माना भारतीय जनता पार्टी के द्वारा बनाई गई शराब नीति सर्वश्रेष्ठ नीति हैl
रघुवर दास ने कहा कि वर्तमान में जो शराब नीति चल रही थी उसे शराब नीति में बड़े घोटाले हैं और वर्तमान में घोटाले करने वाले हॉटवर जेल में बंद है, इस मामले में 600 से 700 करोड़ रुपए की घोटाला हुआ है, बहुत जल्द और कई लोग की गिरफ्तारी होगी,
रघुवर दास ने राज्य सरकार से किए सवाल, छत्तीसगढ़ के मैंफेयर होटल मे सात दिनों तक ठहरे थे मंत्री एवं विधायक, खर्च किसने किया था, क्या राज्य सरकार की थी या फिर छत्तीसगढ़ के शराब माफिया नें खर्च किया था, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
झारखंड की हेमंत सरकार ने एक बार फिर माना कि हमारी सरकार के समय बनायी गयी नियमावली वर्तमान सरकार द्वारा बनाये गये नियमों की तुलना में ज्यादा राज्यहित और जनहित में थे, नया मामला कैबिनेट द्वारा पिछले दिनों पास की गयी नयी शराब नीति - झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली 2025 का है।
इसमें राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है कि हमारी सरकार द्वारा 2018 में बनायी गयी नीति ही सर्वश्रेष्ठ रही है। इसलिए वर्तमान नियमावली के निर्माण में 2018 की नियमावाली को ही मुख्य आधार बनाया गया है। जानकारी के अनुसार, सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा अन्य राज्यों की नियमावली का भी अध्ययन किया गया है, इसके बाद 2018 की नियमावली को ही सबसे सही माना गया।
सरकार ने स्पष्ट माना है 2018 में इस नियमावली के लागू होने के बाद राज्य सरकार का शराब से राजस्व की वृद्धि दोगुनी हो गयी थी। 2018-19 के 1082 करोड़ रुपये के राजस्व की तुलना में 2019-20 में राजस्व दोगुना होकर 2009 करोड़ रुपये हो गया। हमारे समय राज्य सरकार द्वारा बनायी जानेवाली सभी नियमावली झारखंड हित और जन हित में ही होती थी।
यहां ध्यान देनेवाली बात है कि वर्ष 2020 में सरकार बनने के पश्चात वर्तमान सरकार द्वारा दो बार नियमावली बदली गयी। इसके बाद पुनः नयी नियमावली बनायी है और इस नियमावली को बनाने में स्वीकार किया है कि वर्तमान सरकार द्वारा बनायी गयी नियमावली से राजस्व का भी नुकसान हुआ है। इसमें कहा गया है कि इस नीति के कारण खुदरा दुकानों में ग्राहकों की मांग के अनुरूप पॉपुलर ब्रांड की अनुपलब्धता, एमआरपी से अधिक पर बिक्री करने संबंधी शिकायतें लगातार प्राप्त होती रही है। इसके अलावा लक्ष्य प्राप्ति में भी खुदरा दुकानदारों की सचेष्टता दिखाई नहीं दी। मदिरा की एवज में प्राप्त बिक्री की अंडर रिपोर्टिंग की गयी। समय पर ऑडिट नहीं कराने की भी शिकायतें मिलती रही हैं।
वर्तमान सरकार की स्वार्थ आधारित नियमावली के कारण झारखंड राज्य की छवि पूरे देश में धुमिल हुई है और जनहित का भी व्यापक नुकसान हुआ। वर्तमान नियमावली का भी पालन कठोरता से करना होगा, तभी इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। जब सरकार की नीति स्पष्ट, नियत साफ और नेतृत्व मजबूत होता है तो इसकी झलक उसके निर्णयों पर दिखाई देती है, जिसकी कमी वर्तमान सरकार में स्पष्ट दिखाई देती है।