दोपहर में लंबी कटौती और रातभर बाधित आपूर्ति ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई वाडों में पूरी रात बिजली नहीं रहने से लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। वहीं मोटर नहीं चल पाने से पेयजल संकट भी गहरा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि साल भर रखरखाव और मेटेनेंस के नाम पर कटौती की जाती रही, लेकिन गर्मी शुरू होते ही व्यवस्था चरमरा गई। कम वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से घरेलू उपकरण खराब होने का खतरा बढ़ गया है। बिजली की आंख-मिचौनी व्यापारियों और छोटे उद्योगों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मानगो के कई इलाकों में रात के दौरान दर्जनों बार बिजली गुल होने की शिकायतें मिल रही हैं। गैर-कंपनी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि बिल समय पर वसूला जाता है। शहरवासियों ने बिजली विभाग से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने, वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने और कटौती की पूर्व सूचनादे देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए समय रहते ठोस कदम उठाना आवश्यक है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
अधिकतर शटडाउन छाउन के चलते बिजली गुल रहती है, जिसकी सूचना एक दिन पहले दे दी जाती है। किसी किसी पॉकेट में फॉल्ट के चलते बिजली सप्लाई बाधित होती है।
अजीत कुमार, महाप्रबंधक, जेबीवीएनएल