Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी बिसात बिछा दी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जिला पर्यवेक्षकों की सूची को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है, जिसे संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जारी किया. इस सूची की सबसे खास बात यह है कि पड़ोसी राज्य झारखंड के कांग्रेस नेताओं पर केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ा भरोसा जताया है. झारखंड कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने बताया कि पार्टी बंगाल चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ रही है, यही कारण है कि अनुभव को प्राथमिकता देते हुए झारखंड के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
पर्यवेक्षकों की सूची में झारखंड का दबदबा
पार्टी द्वारा जारी कुल 33 जिला पर्यवेक्षकों की सूची में झारखंड के हिस्से में सबसे बड़ा आंकड़ा आया है. मीडिया विभाग के अनुसार, इस महत्वपूर्ण सूची में अकेले झारखंड प्रदेश से 21 कांग्रेस नेताओं के नाम शामिल हैं. यह रणनीतिक कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि झारखंड के नेताओं की बंगाल की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर गहरी पकड़ है. पार्टी को उम्मीद है कि ये नेता जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और टिकट बंटवारे से लेकर चुनाव प्रचार तक की रणनीतियों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे.
सांसदों और पूर्व मंत्रियों को मिली कमान
झारखंड से बंगाल भेजे जा रहे पर्यवेक्षकों की टोली में पार्टी के सबसे कद्दावर चेहरे शामिल हैं. इस सूची में पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू, खूंटी के वर्तमान लोकसभा सांसद कालीचरण मुंडा और झारखंड विधानसभा में विधायक दल के नेता प्रदीप यादव जैसे नाम प्रमुख हैं. इसके साथ ही विधायक दल के उप नेता राजेश कच्छप को भी इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है, जो स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करेंगे.
संगठन के पुराने दिग्गजों पर केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा
झारखंड के कोटे से शामिल अन्य महत्वपूर्ण चेहरों में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी शामिल हैं. साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और कृषि विपणन पर्षद के अध्यक्ष रविंद्र सिंह को भी बंगाल के रण में उतारा गया है. इन नेताओं को अलग-अलग जिलों की कमान दी गई है, जहां वे पार्टी प्रत्याशियों के चयन और बूथ मैनेजमेंट की बारीकियों पर नजर रखेंगे.