Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने बताया कि अब राज्य की सभी गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा. साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए 42 हजार सहियाओं को स्मार्ट टैब दिए जाएंगे.
एंबुलेंस सेवा और कॉल सेंटर का विस्तार
राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार 237 नई हाईटेक एंबुलेंस खरीदने जा रही है. ये एंबुलेंस आधुनिक लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस होंगी. इनके सुचारू संचालन के लिए दुमका और जामताड़ा में विशेष कॉल सेंटर स्थापित किए जाएंगे ताकि मरीजों को समय पर सहायता मिल सके.
हजारों पदों पर होगी सीधी बहाली
स्वास्थ्य विभाग में मानव बल की कमी को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर नियुक्तियों का ऐलान किया गया है. मंत्री ने बताया कि एएनएम और जीएनएम के 7500 पदों पर बहाली की जाएगी. इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर संचालन के लिए कुल 10,500 पदों पर नियुक्तियां होंगी और हर पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा.
मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और कैथलैब की स्थापना
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल, धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और रांची सदर अस्पताल में दिल की बीमारियों के इलाज के लिए कैथलैब की स्थापना की जाएगी. साथ ही, सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में एमआरआई (MRI) और सिटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. रांची के ब्रांबे में इसी साल एक मेडिकल यूनिवर्सिटी और रिम्स-2 की स्थापना का लक्ष्य भी रखा गया है.
थैलेसीमिया मुक्ति और बोन मैरो ट्रांसप्लांट
डॉ. इरफान अंसारी ने दावा किया कि साल 2029 तक झारखंड को थैलेसीमिया मुक्त बना दिया जाएगा. इसके लिए हर जिले में जांच की व्यवस्था होगी. इसके अलावा, रांची सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन की सुविधा शुरू की जाएगी. उन्होंने बताया कि राज्य में 3871 करोड़ की लागत से एक आधुनिक “मेडिको सिटी” का निर्माण भी किया जाएगा.
विधायकों की तर्ज पर स्वास्थ्य सुविधाएं
मंत्री ने सदन में कहा कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तर्ज पर अब राज्य के विधायकों और पूर्व विधायकों को भी विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेजों की एनओसी के लिए उन्हें बार-बार दिल्ली के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे काम में देरी होती है.