BREAKING: झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. इसी सिलसिले में बुधवार को ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह से एसीबी मुख्यालय में घंटों पूछताछ की गई. यह मामला जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे और उनके परिजनों से भी जुड़ा हुआ है.
जवाबों से असंतुष्ट दिखी जांच एजेंसी
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हुई मैराथन पूछताछ के दौरान एसीबी के अधिकारी आरोपियों द्वारा दिए गए जवाबों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुए हैं. कई तकनीकी और वित्तीय सवालों पर स्पष्टता न होने के कारण जांच एजेंसी ने विनय सिंह और स्निग्धा सिंह को दोबारा गुरुवार को पूछताछ के लिए मुख्यालय बुलाया है.
बेनामी संपत्तियों का मिला है सुराग
एसीबी की अब तक की जांच में कई बेनामी और बेशकीमती संपत्तियों के दस्तावेज सामने आए हैं. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए धन का स्रोत क्या था और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता है. इस मामले में विनय चौबे की पत्नी, साले, सरहज और ससुर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज है.
सुप्रीम कोर्ट से मिली है राहत
बुधवार को पूछताछ के लिए पहुंचे विनय सिंह और स्निग्धा सिंह को वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली हुई है. हालांकि, कानूनी राहत के बावजूद उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत वे बुधवार को एसीबी के समक्ष उपस्थित हुए थे.
जेल में बंद आईएएस से जुड़े हैं तार
उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला निलंबित आईएएस विनय चौबे और उनके करीबियों द्वारा पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति जमा करने से जुड़ा है. एसीबी लगातार साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके. कल होने वाली पूछताछ में कुछ नए खुलासे होने की उम्मीद है.