Jharkhand News: विधानसभा में जयराम महतो ने एक बार फिर कई मुद्दे उठाए, इस बार उन्होंने सरकार से अल्पसंख़्यकों की बजट में हिस्सेदारी को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि, राज्य में तक़रीबन 54% आबादी दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों की है इसलिए बजट का में इनकी पर्याप्त भागेदारी भी सुनिश्चित करनी चाहिए। तीन सालों से नहीं मिली छात्रवृत्ती जयराम महतो ने बताया कि पिछड़े वर्ग के छात्रों को पिछले तीन सालों से छात्रवृत्ती नहीं मिली है जो चिंता का विषय है।
आधुनिक छात्रावास की मांग पर दिया जोर
जयराम ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए बनाऐ गए छात्रावासों की प्रसंशा की और मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए भी ऐसे आधुनिक छात्रावास बनाने की मांग रखी। साथ ही शमशान घाटों के विकास के लिए भी बजट संरक्षित करने की मांग की है।
अल्पसंख्यक विभाग के कई पदों के खली होने को भी चिंता का विषय बताया गया और साथ ही रांची से बंद हो चुकी हज यात्रा की हवाई सेवा को फिर से शुरू करने की भी गुहार की है। जयराम ने तेलंगाना की दलित बंधू योजना का हवाला देते हुए कहा की झारखण्ड में भी दलित समाज को आर्थिक रूप सशक्त बनाने के लिए इस तरह की योजना के बारे में सोचना चाहिए।
मंईयां सम्मान योजना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय उन्हें कौशल विकास और रोजगार से जोड़ना चाहिए । साथ ही उन्होंने दिव्यांग, वृद्ध, विधवा और ट्रांसजेंडर लोगों को मिलने वाली पेंशन राशि बढ़ाने की मांग भी सरकार से की। सरकार को बजट के माध्यम से समाज के हर वर्ग को बराबरी का अवसर देने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।