Jharkhand Vidhansabha: झारखंड सरकार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है. सरकार की योजना है कि भविष्य में राज्य के उन सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाएं, जहां अभी इसकी सुविधा नहीं है. इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत सिमडेगा जिले से की जाएगी.
सिमडेगा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना
विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विधायक भूषण बाड़ा के सवाल का जवाब देते हुए सिमडेगा में मेडिकल कॉलेज खोलने का स्पष्ट आश्वासन दिया. मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है, ताकि स्थानीय युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई और जनता को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े.
रिम्स की शाखा खोलने की उठी मांग
सदन के दौरान सत्ता पक्ष के ही विधायकों ने सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा उठाया. उन्होंने मांग की कि सिमडेगा में रांची स्थित रिम्स (RIMS) की एक शाखा खोली जाए. विधायकों का तर्क था कि सिमडेगा, गुमला और लातेहार जैसे जिलों में गंभीर बीमारियों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है.
रेफर करने के दौरान रास्ते में मौत का खतरा
विधायकों ने चिंता जताते हुए कहा कि गंभीर स्थिति में मरीजों को रांची रेफर कर दिया जाता है. लंबी दूरी और समय पर इलाज न मिलने के कारण कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं. रिम्स की शाखा या मेडिकल कॉलेज खुलने से इन जिलों के मरीजों को समय रहते आधुनिक चिकित्सा मिल सकेगी.
विशेषज्ञों और संसाधनों की कमी पर जवाब
सदन में तोरपा रेफरल अस्पताल में गायनेकोलॉजिस्ट और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ न होने के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड मशीन के बंद पड़े होने का मामला भी उठा. स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य में डॉक्टरों की कमी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जल्द ही बड़े पैमाने पर डॉक्टरों की नियुक्ति करने जा रही है, जिससे इन समस्याओं का समाधान होगा.