Jharkhand Big News: झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और महिला बाल विकास विभाग की 3568.19 करोड़ रुपये की अनुदान मांग को मंजूरी दे दी गई. इस दौरान सरकार ने युवाओं की शिक्षा और कल्याण के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं.
दिल्ली में तैयारी और आवास की सुविधा
विभागीय बजट पर चर्चा के बाद मंत्री चमरा लिंडा ने सदन को बताया कि झारखंड के मेधावी युवाओं को सिविल सेवा (IAS) की तैयारी के लिए सरकार दिल्ली में कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगी. इसके लिए सरकार दिल्ली में फ्लैट भी लेगी, ताकि छात्रों को रहने में कोई असुविधा न हो.
कोचिंग संस्थानों और धुमकुड़िया का निर्माण
सरकार ने छात्रों के लिए शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का खाका पेश किया है. इसके तहत एससी छात्रों के लिए कमड़े में पांच मंजिला कोचिंग संस्थान का निर्माण किया जा रहा है. वहीं, ओबीसी छात्रों के लिए नगड़ा टोली में शहीद निर्मल महतो के नाम पर जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग शुरू की जाएगी. हर जिले में तीन मंजिला “धुमकुड़िया” बनेगा, जिसमें कल्चरल सेंटर, कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी एक ही छत के नीचे होंगे.
स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रमंडल स्तरीय अस्पतालों का विस्तार
आदिवासी कल्याण विभाग प्रत्येक प्रमंडल में अत्याधुनिक अस्पतालों का संचालन करेगा. इन अस्पतालों में एमआरआई (MRI) जैसी बड़ी मशीनों के साथ सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. चर्चा के दौरान कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने सभी जिलों में ओबीसी छात्रावास बनाने और वृद्धों व दिव्यांगों की पेंशन राशि 1000 से बढ़ाकर 2500 रुपये करने की मांग रखी.
विपक्ष ने उठाया बजट कटौती और कुप्रबंधन का मुद्दा
विपक्षी सदस्यों ने सरकार की योजनाओं पर सवाल भी उठाए. विधायक पूर्णिमा साहू ने आरोप लगाया कि सरकार पेंशन लाभुकों की संख्या बढ़ाने की बात करती है, लेकिन बजट में पिछले साल के मुकाबले 333 करोड़ की कटौती कर दी गई है. वहीं, बाबूलाल मरांडी ने राज्य के ट्राइबल छात्रावासों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि छात्रावासों में गार्ड और रसोइया तक नहीं हैं, सरकार को असम की बात करने के बजाय झारखंड की जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए.