Latehar Crime News: लातेहार पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी को करारा झटका देते हुए कुख्यात जोनल कमांडर मृत्युंजय भुईयां उर्फ फ्रेश भुईयां और उसके सहयोगी बबलू राम को गिरफ्तार कर लिया है. एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में पुलिस ने अत्याधुनिक हथियारों के साथ इन नक्सलियों को दबोचा.
12 लाख का संयुक्त इनाम और एके-47 बरामद
गिरफ्तार मृत्युंजय भुईयां पर झारखंड सरकार ने 10 लाख रुपये और उसके साथी बबलू राम पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. पुलिस ने इनके पास से एक एके-47 राइफल, भारी मात्रा में जिंदा गोलियां और 1.5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. राशन की किल्लत और पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण ये नक्सली छिपादोहर के जंगलों से बाहर निकले थे, तभी घेराबंदी कर इन्हें पकड़ा गया.
100 से अधिक कांडों का आरोपी और आतंक का पर्याय
मृत्युंजय भुईयां पिछले 20 वर्षों से झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में आतंक का पर्याय बना हुआ था. उसके खिलाफ दोनों राज्यों में कुल 104 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि बबलू राम पर लातेहार, पलामू और गढ़वा में 15 मामले दर्ज हैं.
मृत्युंजय भुईयां कई बड़ी और जघन्य घटनाओं का मास्टरमाइंड रहा है:
कटिया जंगल हमला (2013): इस हमले में 10 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. नक्सलियों ने क्रूरता की हद पार करते हुए शहीद जवानों के शवों के अंदर आईईडी लगा दिया था, जिससे शव उठाते समय हुए धमाके में ग्रामीणों की भी मौत हुई थी.
पूर्व DGP पर हमला: मनिका थाना क्षेत्र में पूर्व डीजीपी बीडी राम के स्कॉट वाहन पर बम विस्फोट और अंधाधुंध फायरिंग की थी.
गढ़वा आईईडी ब्लास्ट (2018): खपरी महुआ में पुलिस की गाड़ी को उड़ाकर 6 पुलिसकर्मियों की हत्या.
रेलवे और विकास कार्यों को निशाना: लातेहार में रेलवे ट्रैक उड़ाना और दर्जनों पुल निर्माण मशीनों व वाहनों में आगजनी करना.
सप्लाई चेन ध्वस्त होने से आए पकड़ में
एसपी कुमार गौरव ने बताया कि “एरिया डोमिनेशन” के कारण नक्सलियों की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट चुकी थी. खाने-पीने के सामान की कमी के कारण ये सुरक्षित ठिकानों की तलाश में थे. 12 मार्च को गुप्त सूचना मिली कि ये हरिणामाड़ गांव में राशन लेने आने वाले हैं, जिसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने जाल बिछाकर इन्हें गिरफ्तार कर लिया.