Jharkhand News: झारखंड सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम महीने (मार्च) में सरकारी फंड के बेतहाशा खर्च पर अंकुश लगाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. सरकार का मुख्य ध्यान राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर है, जिसके तहत पर्सनल लेजर (PL) खाते से निकासी की एक सीमा तय कर दी गई है.
PL खातों और सामान्य योजनाओं के लिए तय हुई लिमिट
नए निर्देशों के मुताबिक, योजना मद के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिले कुल बजट आवंटन के विरुद्ध अब केवल 15 प्रतिशत तक की ही राशि निकाली जा सकेगी. यह नियम उन मामलों में लागू होगा जो विशेष छूट की श्रेणी में नहीं आते हैं. सरकार का उद्देश्य वित्तीय वर्ष के आखिरी समय में होने वाली अनावश्यक कागजी निकासी को रोकना है.
केंद्रीय और अनुपूरक बजट की योजनाओं को मिली राहत
सरकार ने स्पष्ट किया है कि महत्वपूर्ण विकास कार्यों में बाधा न आए, इसलिए केंद्रीय योजनाओं और अनुपूरक बजट से जुड़ी राशि पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी. केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) के तहत मिलने वाली पूरी केंद्रांश राशि और उसके अनुपात में राज्य की हिस्सेदारी (State Share) को शत-प्रतिशत निकाला जा सकेगा. साथ ही, तृतीय अनुपूरक बजट के माध्यम से आवंटित राशि की निकासी भी पूरी तरह की जा सकेगी, बशर्ते वह भुगतान किए जा चुके कार्यों के बदले में हो.
वेतन और स्थापना व्यय पर कोई रोक नहीं
सरकारी कामकाज और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्थापना व्यय मद (जैसे वेतन, पेंशन आदि) को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है. इस मद के अंतर्गत आवंटित शत-प्रतिशत राशि की निकासी की जा सकेगी. इससे स्पष्ट है कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन या कार्यालयों के नियमित संचालन पर इस वित्तीय आदेश का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा.