Pakur : झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा क्षेत्र में सोमवार सुबह एक पत्थर खदान में बड़ा हादसा हो गया। पाकुड़ जिले के मालपहाड़ी थाना क्षेत्र के कान्हुपुर गांव और पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मुरारई थाना क्षेत्र के गोपालपुर के बीच मणिपुर गांव के समीप संचालित खदान में अचानक ऊपर से मिट्टी और चट्टानों का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। इस हादसे में वहां काम कर रहे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

सूत्रों के अनुसार घटना के समय खदान में करीब एक दर्जन मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान खदान के कार्यालय के पास ऊपरी हिस्से में जमा मिट्टी और चट्टानों का बड़ा ढेर अचानक ढह गया और नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर पड़ा। हादसे के बाद कई मजदूरों के मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर करीब आधा दर्जन मजदूरों की मौत की चर्चा है, हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित खदान में लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक खदान का मालिक तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा नेता सिराजुल खान बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमा से सटे इस इलाके में अवैध खनन की सूचना कई बार प्रशासन को दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण यह बड़ा हादसा हो गया।
वहीं खदान प्रबंधन से जुड़े लोगों का दावा है कि खदान पश्चिम बंगाल क्षेत्र में स्थित है और जहां मिट्टी का ढेर गिरा वह हिस्सा भी बंगाल की सीमा में आता है। दूसरी ओर स्थानीय सूत्रों का कहना है कि खनन झारखंड की जमीन पर किया जा रहा था और दुर्घटना भी झारखंड क्षेत्र में हुई है। ऐसे में घटना स्थल की वास्तविक स्थिति और सीमा निर्धारण अब जांच का विषय बन गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के तुरंत बाद खदान में मौजूद बड़ी मशीनों से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया और शवों को जल्दबाजी में वहां से निकाल लिया गया। कितने शव निकाले गए हैं इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दो शव दिखाई देने की बात कही जा रही है।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है और मलबे में दबे मजदूरों की तलाश की जा रही है।