Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा में आज जेटेट अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज का मामला प्रमुखता से गूंजा. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि झारखंड पात्रता परीक्षा की मांग कर रहे छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने संवाद के बजाय बल प्रयोग का रास्ता चुना.
व्यवस्था पर बाबूलाल के तीखे सवाल
बाबूलाल मरांडी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं होंगी, तो युवाओं के पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि राज्य में पिछले छह साल से यही सरकार सत्ता में है, फिर भी हर विफलता के लिए पिछली सरकारों को दोष क्यों दिया जा रहा है. उन्होंने सिस्टम में सुधार न होने पर गहरी नाराजगी जाहिर की.
सरकार का पक्ष और स्पष्टीकरण
सदन में सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जेटेट परीक्षा के आयोजन को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने 31 मार्च तक का समय दिया है. सरकार पूरी तरह से न्यायालय के निर्देशों का पालन कर रही है और उसी के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है. मंत्री ने स्वीकार किया कि पहले के सिस्टम में कुछ कमियाँ थीं, जिन्हें अब सुधारा जा रहा है ताकि भविष्य में सभी परीक्षाएं समय पर पूरी की जा सकें.
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का तर्क
लाठीचार्ज की घटना पर मंत्री ने कहा कि शांति बनाए रखना और कानून-व्यवस्था की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए ही प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने पड़े. हालांकि, सदन में विपक्ष इस दलील से संतुष्ट नजर नहीं आया और छात्रों के प्रति सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की.