National News: भारत ने सीमा पार छिपे अपराधियों के खिलाफ अपनी मुहिम में बड़ी सफलता हासिल की है. सीबीआई के दिल्ली मुख्यालय में आयोजित इंटरपोल संपर्क अधिकारी सम्मेलन में निदेशक प्रवीण सूद ने बताया कि साल 2025 में अब तक 47 भगोड़ों को वापस लाया जा चुका है. यह पिछले डेढ़ दशक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जो दर्शाता है कि अब कानून की पहुंच सात समंदर पार भी मजबूत हो चुकी है.
इन विभागों की मेहनत लाई रंग
अपराधियों की इस रिकॉर्ड वापसी के पीछे भारत की विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल रहा है. सीबीआई के साथ गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और राज्य पुलिस की कानून प्रवर्तन इकाइयों ने मिलकर काम किया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरपोल के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान इतना तेज हुआ कि अपराधियों के लिए विदेशों में ठिकाना बदलना मुश्किल हो गया.
दिल्ली में जुटे देश भर के अफसर
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्घाटन किया. इसमें कानून व्यवस्था को और मजबूत करने और नई चुनौतियों से निपटने पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में देश भर के 150 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनका मुख्य फोकस इस बात पर था कि कैसे तकनीक और आपसी सहयोग से अपराधों पर वैश्विक स्तर पर नकेल कसी जाए.
भविष्य की रणनीति पर जोर
सीबीआई मुख्यालय में हुई इस चर्चा का समापन आधुनिक जांच प्रणालियों को अपनाने के संकल्प के साथ हुआ. अफसरों ने माना कि अब अपराधी डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रहे हैं, इसलिए इंटरपोल के साथ समन्वय को और भी ज्यादा प्रभावी बनाना जरूरी है.