निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था, डॉक्टरों की रोस्टर के अनुसार उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की और व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बैठक में अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एलएमओ और पीएसए प्लांट को 31 मार्च तक पूरी तरह चालू किया जाए। साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने और जरूरतमंद मरीजों के लिए एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। खराब पड़ी एम्बुलेंसों की मरम्मत कर उन्हें उपयोग में लाने तथा सभी आईसीयू को पूर्ण रूप से संचालित करने का भी निर्देश दिया गया।
वरिष्ठ चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, ओपीडी सेवाओं को मजबूत बनाने और अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर भी विशेष चर्चा हुई। मरीजों की सुविधा के लिए अप्रैल माह तक अमृत फार्मेसी और जनऔषधि केंद्र शुरू करने तथा आयुष्मान भारत योजना को प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया।
पेयजल समस्या के समाधान के लिए मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त को समन्वय कर 20 अप्रैल तक समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा बायो मेडिकल वेस्ट के नियमानुसार निपटान, पैथोलॉजिकल जांच व्यवस्था में सुधार और अनटाइड फंड के उपयोग की भी समीक्षा की गई।
इस मौके पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, एमजीएम अधीक्षक डॉ. बलराम झा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. जुझार माझी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।